Nvabihan
शुक्रवार, 27 जून 2014
अपार
अपार
— वि. 1.जिसके पार का पता न चले, असीम, सीमारहित। 2.जिसकी चाल या चतुराई का पता न चले। 3.समझ से परे, जैसे ‘वोकर महिमा अपार हे’। 4.बहुत अधिक, असंख्य, जैसे ‘पुन्नी के मेला म अपार भीड़ रथे’।
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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