Nvabihan
बुधवार, 25 जून 2014
अनहरऊ
अनहरऊ
— वि. 1.जिसे हरण या चुराया न जा सके। 2.जिसे धन आदि के द्वारा वश में न किया जा सके, अहार्य।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
Karma Aarti
Satyanarayan
गोंडवाना समाज
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें