Nvabihan
शनिवार, 19 जुलाई 2014
आघू-पाछू झूलना
आघू-पाछू झूलना :
हरदम संगे-संग घूमना। (सदा साथ में घूमना)
रामकुमार हा जब ले धनवान बने हे तब ले कतको झन ओकर आघू-पाछू झूलत रथें।
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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