Nvabihan
रविवार, 27 जुलाई 2014
एँड़ी के रिस तरूवा मा चघना
एँड़ी के रिस तरूवा मा चघना :
गुँस्सा आना। (गुस्सा आना)
अनियाँय के देखत तो मोरो एँड़ी के रिस तरूवा मा चघथे।
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भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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गोंडवाना समाज
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