Nvabihan
सोमवार, 4 अगस्त 2014
कनिहाँ ढील होना
कनिहाँ ढील होना :
पस्त होना। (यथावत)
गोठियाए मा खंती नइ खनाए बाबू..! खन के देख कनिहाँ ढील हो जथे।
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भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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