Nvabihan
रविवार, 17 अगस्त 2014
कानो-कान बात चलना
कानो-कान बात चलना :
चुपे-चुप बात बिगरना। (गुप्त रुप से बात फैलना)
रातेच मा अयोधिया भर कानो-कान बात चल दिस के-"कैकेई हा राम ला चउदा बच्छर के बनवास दे दिस।"
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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