Nvabihan
रविवार, 14 सितंबर 2014
गरु-गरु गोठियाना
गरु-गरु गोठियाना :
दुख के गोठ गोठियाना। (दुख की बातें करना)
कोनो ला गरु-गरु गोठियाए के सउँख नइ राहय फेर समे जब आ जथे तब गोठियाए ला परथे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
Karma Aarti
Satyanarayan
गोंडवाना समाज
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें