Nvabihan
बुधवार, 1 जून 2016
छाँव परना
छाँव परना :
काकरो खराब परभाव परना। (किसी का कलुषित प्रभाव पड़ना)
मनखेच ऊपर नीहीं गाय-गरु मा तको अंकाल के छाँव परे हे।
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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