Nvabihan
बुधवार, 18 जून 2014
अनकलइत
अनकलइत
— वि. 1.जहाँ शांति न हो, शोरगुल, जैसे ‘रोज के अनकलइत म तोला कंझासी नइ लागे’। 2.अरुचिकर, अनिच्छित, जैसे ‘अनकलइत चीज ल मुहूँ म डारे ल नइ भाए’। 3.बेचैन, जैसे ‘पेट के दुख सब ल अनकलइत कर देथे’।
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