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शुक्रवार, 30 मई 2014

अंगरा

अंगरा— सं. लकड़ी, कोयला या उपल की धधकती हुई आग।

अंगरल

अंगरल— वि. 1.शरीर का वह अंग जो गल गया हो। 2.वह जिसका शरीर क्षीण हो गया हो। 3.वह जिसका हाथ-पैर सरदी के कारण ठिठुर गया हो। 4.वह जिसके शरीर का कोई अंग अधिक ठंड के कारण अकड़ गया हो।

अंगरल

अंगरल— वि. 1.शरीर का वह अंग जो गल गया हो। 2.वह जिसका शरीर क्षीण हो गया हो। 3.वह जिसका हाथ-पैर सरदी के कारण ठिठुर गया हो। 4.वह जिसके शरीर का कोई अंग अधिक ठंड के कारण अकड़ गया हो।

अंगरना

अंगरना1— अ.क्रि. अधिक ठंड के कारण अंगों का अकड़ जाना।

अंगरना2— अ.क्रि. 1.बीमारी के कारण अंगों का गलना। 2.शरीर का क्षीण होना। 3.बीमारी से अंगों का अचल हो जाना।

अंगरखा

अंगरखा— सं. 1.ग्रामीण पुरुषों का ढीला कुर्ता, सलूखा। 2.गमछा।

अंगरक्खा

अंगरक्खा— सं. 1.ग्रामीण पुरुषों का ढीला कुर्ता, सलूखा। 2.गमछा।

अंगरउता

अंगरउता— वि.पु. (स्त्री.अंगरउतिन(ती) दे. ‘अंगरौता’।

अंगभंग

अंगभंग— सं. अंग का भंग या खंडित होना।

अंगना

अंगना— सं. घर के अंदर का सहन, अजिर, आँगन।

अंगद

अंगद— सं.पु. किष्किंधा के राजा बालि का पुत्र जो रामचंद्र की सेना का पराक्रमी योद्धा था।

अंगछा

अंगछा— सं. पटका, गमछा।

अंग

अंग— सं. 1.शरीर, बदन, देह। 2.शरीर का कोई भाग, जैसे– हाथ, पैर, कान आदि। 3.हिस्सा, अंश, भाग। 4.पक्ष, जैसे ‘ये बिसय के कई अंग हें’।

भारतीय गणना

आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!