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रविवार, 8 जून 2014

अघहा

अघहा— वि.पु. (स्त्री.अघहिन(ही) जो तृप्त हो गया हो।

अघवाल

अघवाल (वल)— वि. 1.आगे बढ़ा हुआ। 2.प्रगति किया हुआ।

अघवाना

अघवाना— अ.क्रि. 1.आगे चलना। 2.किसी कार्य में आगे बढ़ जाना या रहना। 3.प्रगति करना।

अघवा

अघवा— सं. 1.आगे रहने वाला। 2.प्रगति करने वाला। 3.प्रमुख, प्रधान।

अघवउनी

अघवउनी— सं. 1.आगे होने या प्रगति करने का खर्च या पारिश्रमिक। 2.आगे बढ़ाने या प्रगति कराने का खर्च या पारिश्रमिक।

अघवई

अघवई— सं. आगे होने या प्रगति करने की क्रिया, भाव या खर्च ।

अघरिया

अघरिया— सं. एक जाति विशेष, लोहार।

अघवइया

अघवइया— वि. 1.आगे होने वाला। 2.प्रगति करने वाला।

अघउनी

अघउनीसं. तृप्त होने या करने का खर्च या पारिश्रमिक।

अघई

अघई— सं. तृप्त होने की क्रिया या भाव।

अघइया

अघइया— वि. तृप्त होने वाला।

भारतीय गणना

आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!