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रविवार, 8 जून 2014

अचवैन

अचवैन— सं.दे. ‘अचवइन’।

अचवाल

अचवाल (वल)— वि. 1.भोजन के बाद हाथ-मुँह धुलवाया हुआ। 2.वह जिसका भोजन के बाद हाथ-मुँह धोया गया हो।

अचवाना

अचवाना— स.क्रि. भोजन के बाद हाथ-मुँह धुलवाना।

अचवानल

अचवानल— वि. चारपाई के पैताने की रस्सी जो खींचकर बाँधी गई हो।

अचवानना

अचवानना— स.क्रि. चारपाई के पैताने की रस्सी को खींचकर बाँधना।

अचवन

अचवन— सं. 1.पूजा के समय दाहिने हाथ में थोड़ा सा जल लेकर मंत्रोच्चारण के साथ पान करने की क्रिया, आचमन। 2.भोजन के बाद हाथ-मुँह धोया हुआ जल।

अचल

अचल— वि. 1.जो चल न सके, स्थिर। 2.पंगु।

अचरित

अचरित— सं.दे. ‘अचरज’।

अचरज

अचरज— सं. अचंभा, आश्चर्य।

अचर

अचर— वि. 1.जो चल न सके, स्थिर। 2.पंगु।

भारतीय गणना

आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!