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शनिवार, 14 नवंबर 2015
रविवार, 17 मई 2015
रविवार, 12 अप्रैल 2015
सोमवार, 16 मार्च 2015
घर राखत छेना थोपना
घर राखत छेना थोपना : दुहरा लाभ लेना। (दोहरा लाभ लेना)
तोर इहाँ बहुरिया के बुध ला दूसर नइ पाए सुकालू, ओ तो घर राखत छेना थोपथे।
तोर इहाँ बहुरिया के बुध ला दूसर नइ पाए सुकालू, ओ तो घर राखत छेना थोपथे।
घर मा चूल्हा नइ बरना
घर मा चूल्हा नइ बरना : जेवन नइ बनना। (रसोई न बनना)
लइका के दुख ओला अइसे जीन डरिस के दू दिन तक ऊँकर घर चूल्हा नइ बरिस।
घर बिगाड़ना :
घर बिगाड़ना : (i) घर मा लड़ई करना नइते कराना। (घर में लड़ाई कराना या करना)
बारा कोस मा नउकरी करना अउ बँटवारा माँगना हा घर बिगाड़े के उदीम ताय।
(ii) काकरो बहू-बेटी ला गलत रद्दा मा ले जाना। (किसी की बहू-बेटी को गलत मार्ग पर ले जाना)
नउकर हा अपन मालकिन ला भगाके ओकर घर बिगाड़ दिस।
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