महिला सशक्तिकरण लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
महिला सशक्तिकरण लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 9 सितंबर 2011

महिला साक्षरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण


नाबार्ड के सौजन्य एवं सहयोगी जनकल्याण समिति गुण्डरदेही के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रेरणा सम्मेलन का आयोजन दिनांक 8 सितम्बर 2011 को सामुदायिक भवन गुण्डरदेही में आयोजित किया गया जिसके मुख्यअतिथि श्री डी.आर.साहू, सी.ई.ओ. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग एवं विशेष अतिथि श्री प्रमोद जैन पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया । शमशाद बेगम ने महिला साक्षरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा- महिला बेटी व बहू के रूप में दोनों परिवारों को तारती है साथ ही महिलाओं का आर्थिक स्तर पर भी साक्षर होना बहुत ही आवश्यक है इसके लिए यह जरूरी है कि उनमें संगठन क्षमता हो, बैंक लिंकेज हो तथा व्यवसायिक गुण भी उनके अंदर समाहित हो । महिलाएँ बाहरी संस्था या एजेंसी के चक्कर में न पड़े वे सीधे बैंक से संबंध बनायें और उसका भरपूर लाभ उठायें । श्री प्रमोद जैन ने समिति के कार्यों से प्रभावित होना बतलाते हुए कहा- गुण्डरदेही विकासखंड की महिलाशक्ति से कलेक्टर महोदय बहुत प्रभावित हैं मैं इस मंच के माध्यम से महिलाओं को अपने संगठन क्षमता को बनाये रखनें की अपील करता हूँ और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से अग्रसर होने के लिए एकमात्र बैंक का ही रास्ता चुननें की सलाह देता हूँ आप सभी को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ । घनश्याम दास बैरागी ने कहा साक्षरता के माध्यम से महिलाएँ संगठित हुई उनको पालने-पोसने का काम समिति द्वारा सन् 2006 से लगातार किया जा रहा है । अब वक्त आ गया है कि हमारी ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ें और रोजगार कार्य करें जैसे- साबुन निर्माण, वॉशिंग पाउडर, टेंट, शामियाना, बड़ी, पापड़, आचार बनाना साथ ही साथ शासन-प्रशासन को सहयोग करते हुए मध्यान्ह भोजन एवं रेडी-टू-इट का  संचालन भी करें । महिलाओं के अधिकारों एवं विचारों को आज महत्व दिया जा रहा है क्योंकि वे घर का संचालन करती है, जब वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी तभी वे आर्थिक आजादी प्राप्त कर सकेंगी और उन्हें पूर्णतः सम्मान मिलेगा । श्री डी. आर. साहू सी.ओ. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग ने कहा- बेटा-बहू की कुण्डली मिलाई जाती है इसके साथ ही सास और बहू की कुण्डली भी मिलाना चाहिए । यह भी साक्षरता की एक सीढ़ी मानी जानी चाहिए क्योंकि यह सब एक-दूसरे के पूरक हैं । मैं इस साक्षरता दिवस के अवसर पर यह अपील करता हूँ की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होने के लिए अपने व अपने घर परिवारों को सूदखोरों के चँगुल से मुक्त रखें और बैंक की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ लें । जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक ने 283 संयुक्त देयता समूहों को दो करोड़ अठहत्तर लाख रूपये का ऋण दिया है केवल गुण्डरदेही विकासखंड में क्योंकि इस ब्लाक की महिलाओं में आर्थिक सशक्तिकरण का गुण भरा हुआ है और वे पैसा लेना व देना अच्छी तरह से जानती है तभी तो यहॉं की ऋण वापसी की दर 100% है । बैंक एसएचजी, जेएलजी लोन प्रकरणों में सुझाव आमंत्रित करती है जिस पर  हमारी बैंक तत्काल निर्णय लेनें पर विचार करेगी मैंने अपनें बैंकिंग जीवन में महिला आर्थिक सशक्तिकरण का ज्वलंत उदाहरण पहली बार देख रहा हूँ । श्री घनश्याम दास वैष्णव ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक गुण्डरदेही द्वारा 114 समूहों को एक करोड़ चौव्वन लाख रूपये, सिकोसा 79 समूहों को नब्बे लाख रूपये एवं अर्जुन्दा द्वारा 90समूहों को 54 लाख रूपये ऋण प्रदान करनें की जानकारी दिया । इस अवसर पर श्री एन. आर. साहू शाखा प्रबंधक गुण्डरदेही, श्री आर. के. मारकण्डे सिकोसा, श्री एस. के. सिवान अर्जुन्दा शाखा प्रबंधकों एवं श्री पी.एल. हिरवानी समन्वयक विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र गुण्डरदेह, श्री चतुर सिंह सिन्हा उच्चवर्ग शिक्षक चिचबोड़, पत्रकार श्री टी.एस. पिपरिया कोड़ेवा नई दुनिया भिलाई, श्री विरेन्द्र चन्द्राकर पूर्व सरपंच खप्परवाड़ा-डौकीडीह, पुरईन बाई नेताम अध्यक्ष स्वसहायता समूह घीना, पंचबाई साहू अध्यक्ष जागृति स्वयं सहायता समूह तमोरा, हर्षा साहू सरपंच मटेवा, उत्तरा बाई ठाकुर मितानीन भाठागाँव-बी,  अहिल्या बाई एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु शाल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मान किया गया । इस अवसर पर रैली का आयोजन भी किया गया । सम्मेलन का संचालन शमशाद बेगम ने एवं आभार प्रदर्शन रफीक ने किया । कार्यक्रम हेमा सोनी हीरूखपरी, माधुरी साहू, लक्ष्मी साहू, मीना साहू, संगीता, पुष्पलता, रामसिंग अग्रवाल, पुनीता सार्वा, जानकी साहू, महिला कमाण्डो का भरभूर सहयोग रहा |

सोमवार, 25 जुलाई 2011

गुण्डरदेही के महिला सशक्तिकरण

गुण्डरदेही के महिला सशक्तिकरण से प्रेरणा लेनी चाहिए
संयुक्त देयता समूह का  सम्मेलन 1500 महिलाओं ने दी भागीदारी
6 महिलाओं का हुआ सम्मान

वृक्षारोपण एवं संयुक्त देयता समूहों का सम्मेलन कार्यक्रम सोहन पोटाई सांसद लोकसभा क्षेत्र कांकेर, अध्यक्षता श्री विरेन्द्र कुमार साहू विधायक गुण्डरदेही एवं विशिष्ट अतिथि श्रीमती रीना कंगाले कलेक्टर दुर्ग ने सम्मेलन का शुभारंभ मॉं सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण  एवं दीप प्रज्जवलन कर किया ।
श्री विरेन्द्र कुमार साहू विधायक ने कहा- गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र की समूहों की महिलाएँ इतनी जागरूक हैं कि वे आमंत्रण के महत्व को जानती हैं। और अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए पहुँच जाती हैं । शमशाद बेगम के द्वारा लगातार महिलाओं को प्रेरित एवं जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। यह प्रयास किया जा रहा है कि राशन दुकान, मध्यान्ह भोजन, रेडी टू ईट कार्यक्रम महिला समूहों को सौंपा जाय।
शमशाद बेगम ने बतलाया कि नाबार्ड के सौजन्य से ऐसी खेती हर मजदूर महिलाएँ जो अधिया, रेगहा, कट्टू में खेत लेकर किसानी कार्य करती हैं उन्हें संगठित व चिन्हित कर कम से कम 04 अधिकतम 10 की संख्या में समूह बनाकर जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक मर्यादित दुर्ग-गुण्डरदेही की मदद से प्रति एकड़ 4600 रूपये का ॠण उपलब्ध कराया जा रहा है। सन् वर्ष 2011 में 56 समूहों का गठन कर बैंक से 44 लाख रूपये का ॠण दिलवाया गया था जिसकी ॠण वापसी 100 प्रतिशत रही । वर्ष 2011 में 262 समूहों का गठनकर बैंक द्वारा 227 समूहों को 1,83,36,300 रूपये का ॠण दिया गया है जो कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए उचित माध्यम व पहल है जिसके लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक गुण्डरदेही, सिकोसा, अर्जुन्दा बधाई के पात्र हैं।
श्रीमती रीना कंगाले कलेक्टर दुर्ग ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा मैं गुण्डरदेही के महिला समूहों  में आई जागरूकता प्रत्यक्ष रूप से देखकर बहुत प्रभावित हुई हूँ इससे ब्लाक एवं जिले के समस्त अधिकारी जनप्रतिनिधियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। यह भी बात देखने में आई है कि जहॉं-जहॉं पर महिला समहों के द्वारा राशन दुकानों का संचालन किया जा रहा है वहां पर शिकायतें कम हुई है। मैं यह भी चाहती हूँ कि राशन दुकान, मध्यान्ह भोजन, रेडी टू ईट कार्यक्रम महिला समूहों के द्वारा संचालित किया जाय। इसके लिए इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगी। समिति द्वारा नाबार्ड के सौजन्य एस.एच.जी. रिसोर्स सेन्टर का संचालन बहुत ही सराहनीय है। मैं यह पूरा प्रयास करूँगी कि महिलाओं में आर्इ इस जागरूकता को और बढ़ावा मिले।
श्री सोहन पोटाई सांसद कांकेर ने कहा महिलाओं की जागरूकता के कारण ही शराब बंदी पर अंकुश लगा है और छत्तीसगढ़ शासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध शराब बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया है। वर्ष 2013 तक पूरे प्रदेश को संपूर्ण शराबबंदी व नशामुक्त प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है। खेतीहर मजदूर महिलाओं के लिए जो समूह बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से बैंक के माध्यम से ॠण उपलब्ध कराया जा रहा है यह बहुत ही प्रशंसनीय है । इससे ये खेतिहर मजदूर महिलाएँ सूदखोरों के चँगुल से मुक्त रहेंगी और अपने आपको आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, इसे और बढ़ावा देने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर पहल करने की कोशिश करूँगा।
इस अवसर पर विभिन्न संयुक्त देयता समूहों को गुण्डरदेही, सिकोसा, अर्जुन्दा ब्रांचों के माध्यम से 10 लाख रूपये का ॠण अतिथियों के द्वारा प्रदान किया गया। 6 सक्रिय महिलाओं को जिसमें माधुरी साहू हरियाली संयुक्त देयता समूह पैरी, द्रुपद कोसरे धनहा संयुक्त देयता समूह बोरगहन, शीतला संयुक्त देयता समूह सिर्राभांठा, पीलिया साहू किरण संयुक्त देयता समूह कजराबांधा, लक्ष्मी अग्रवाल चेतना देयता समूह खपरी-ब एवं श्रीमती शमशाद बेगम अध्यक्ष सहयोगी जनकल्याण समिति को कलेक्टर दुर्ग एवं अतिथियों द्वारा शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एन. आर. साहू गुण्डरदेही, सिवाना जी, मारकण्डे जी ब्रांच मैनेजर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का सहयोग प्रशंसनीय रहा। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद जैन एवं आभार प्रदर्शन अश्वनी यादव ने किया।

भारतीय गणना

आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!