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रविवार, 6 नवंबर 2016

जंगली प्याज़ : कमर और घुटनों के दर्द के लिये रामबाण इलाज

एक ज़माना था जब अपने आपको नपुंसक अनुभव करने वालो को जमकर लूटा जाता था हर जगह। “नाकाम मर्द निराश ना हों” के विज्ञापन देखने को मिल जाते थे ट्रेन में सफ़र करते हुये शहर आने से पहले ना जाने कितने हकीम, वैद्य और डॉक्टरों के विज्ञापन नपुंसक लोगों को महामर्द बनाने का दावा करते हुये दिखाई दे जाते थे। समय बदला अब लोगों से टी.वी. के विज्ञापनों के द्वारा उगाही शुरू हो गई। इस समय अधिकाँश शातिर लोगों के निशाने पर गंजेपन, घुटने और कमर दर्द से पीड़ित लोग आ गये हैं। इसमें मुझे गंजे लोगों को लूटने वालों पर बहुत गुस्सा आता है क्योंकि एक गंजा इंसान बहुत निरीह और मासूम होता है। उसकी बेचारगी की इन्तेहा देखिये कई बार ठगे जाने के बाद भी वह गंजापन दूर करने वाले नये दावेदार के झाँसे में आ ही जाता है।

बहरहाल आज लेख लिखने का मेरा उद्देश्य घुटने और कमर दर्द से पीड़ित लोगों को व्यर्थ के खर्चे से बचाना है। इन दिनों अन्नू कपूर अस्थिजीवक नाम की दवा का भेराभूत विज्ञापन कर रहे हैं। जब भी टी.वी. खोलो ये महाशय बड़े अपनेपन के साथ पूरे देश के घुटने और कमर दर्द से पीड़ित लोगों कों दर्द से राहत दिलाने के दावे करते नज़र आ जाते हैं।
निश्चित रूप से आयुर्वेद में कई औषधियाँ बेमिसाल हैं लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि लोगों की जेब तराशी की जाये। जो लोग ढाई हज़ार की अस्थिजीवक दवा मंगा चुके हैं उन्हें कितना लाभ हुआ होगा यह तो मैं नहीं जानता, लेकिन मैं आपको एक रामबाण दर्द निवारक दवा के बारे में बताता हूँ।

प्याज जैसी दिखने वाली यह “जंगली प्याज” (indian squill) इन दिनों जंगलों में भरपूर मात्रा में ऊग रही है जहाँ हम लोगों ने वृक्षारोपण किया हुआ है वहाँ यह प्रचुर मात्रा में ऊग रही है। आपको सिर्फ इतना करना है कि इसे प्याज की तरह क़तर कर शुद्ध सरसों के तेल में तब तक तलना (फ्राय करना ) है जब तक वो काली ना पड़ जाय। (दौ सौ ग्राम तेल में जंगली प्याज की दो गाँठें)।
फिर उस तेल को कपड़े से छानकर एक बोतल में सहेज कर रख लीजिये और रोज दो बार घुटनों की मालिश कीजिये दर्द ऐसे खत्म हो जायेगा जैसे कभी था ही नहीं, यह घुटने के दर्द के लिये रामबाण है और लगभग मुफ्त है। चूँकि हम प्रतिदिन यहाँ पौधों पक्षियों की सेवा करते हैं इसलिये घास के बीच इस कंद को पहचान जाते हैं। एक अनजान व्यक्ति के लिये यह कठिन होगा इसलिये फोटो संलग्न है। घास के बीच में लम्बी पत्तियों वाली वनस्पति जंगली प्याज है।


ध्यान रहे इसे खाने का प्रयास ना करें यह जहरीली होती है।
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– अजित भोंसले

रविवार, 14 अगस्त 2016

मोबाइल फ़ोन इंटरनेट यूजर्स के लिये

 यदि आपके मोबाइल फ़ोन का इंटरनेट पैक खत्म हो जाता है और mobile data ऑन है तो कंपनी द्वारा पैसे main balance से काट लिये जाते हैं। किसी-किसी का तो पूरा balance ही खत्म हो जाता है यदि धोखे से रात भर डाटा ऑन रह गया हो।
उपरोक्त समस्यायों को देखते हुये ट्राई ने सभी मोबाइल ऑपरेटर्स को सख्त आदेश दिया है कि -

मैसेज बॉक्स में जाकर STOP लिखे और 1925 में भेज दे मेन बैलेंस से राशि कभी नहीं काटी जायेगी, सिर्फ नेट पैक रहेगा या जब नेट पैक करवायेंगे तभी इन्टरनेट काम करेगा। हाँ , यदि आपको कभी कोई इमरजेंसी में नेट यूज़ करना हो और नेट पैक नहीं है अथवा खत्म हो गया हो तो START लिखकर 1925 पर भेजें तो ही main balance से राशि काटी जायेगी। इस जानकारी को अक्सर मोबाइल ऑपरेटर कंपनी ग्राहक से छिपाते हैं यदि आप जान गये या पहले से जानते हैं फिर भी शेयर करें...

एक जरुरी हक़ जिसके बारे में आपको शायद पता ही नहीं

आपके एटीएम पर भी है दुर्घटना बीमा
क्या आप जानते हैं कि शहर से लेकर गाँवों तक बहुत कम लोग ऐसे होंगे जो एटीएम का इस्तेमाल ना करते हों, लेकिन बड़ी संख्या में लोग एटीएम के दुर्घटना स्कीम के बारे में नहीं जानते। आजकल ज्यादातर लोग एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं लेकिन एटीएम का एक और फायदा है जो आपको पता ही नहीं है और वो जानकारी आपके बेहद काम की है

यदि किसी भी सरकारी या गैर सरकारी बैंक का एटीएम आपके पास है तो आपका उस बैंक में अपने आप ही दुर्घटना बीमा हो गया है। ये बीमा 25,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का होता है। इस योजना को शुरु हुये कई साल हो गये हैं, लेकिन 90-95 फीसदी लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं है क्योंकि बैंक कभी खुद ये जानकारी ग्राहकों को नहीं देते।



दुर्घटना बीमा की ये प्रक्रिया क्या है और मुआवजा कैसे मिलता है वो जान लीजिये..?
स्कीम के मुताबिक अगर किसी एटीएम धारक की दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके परिवार के सदस्य को 2 महीने से लेकर 5 महीने के भीतर बैंक की उस ब्रांच में जाना होगा जहाँ उस शख्स का खाता था और वहाँ पर मुआवजे को लेकर एक एप्लीकेशन देनी होगी। अगर आपके पास किसी एक बैंक में एक ही अकाउंट हो या फिर उस बैंक की दूसरी ब्राँच में भी अकाउंट हो तो भी मुआवजा आपको किसी एक एटीएम पर ही मिलेगा जिससे पैसे का लेन-देन किया जा रहा हो। मुआवजा देने के पहले बैंक ये देखेंगे कि मौत से पहले पिछले 45 दिन के भीतर उस एटीएम से किसी तरह का वित्तीय लेन-देन हुआ था या नहीं।
बैंक में अकाउंट खुलने के बाद जैसे ही एटीएम आपको मिलता है बीमा पॉलिसी लागू हो जाती है। बैंक की तरफ से बीमा करवाया जाता है जिससे एटीएम धारक की मौत होने के बाद परिवार को मदद मिल सके।
इस स्कीम के मुताबिक आंशिक विकलाँगता से लेकर मृत्यु होने तक अलग अलग तरह के मुआवजे का प्रावधान दिया गया है। इसके लिये एटीएम धारक को कोई पैसा भी जमा नहीं करना होता, यदि आपके पास एटीएम है तो उस बैंक में ऑटोमैटिक दुर्घटना बीमा का फायदा आपको मिल सकता है। नियम ये है कि अगर एटीएम धारक की किसी दुर्घटना में मौत हो जाती है तो उसके घरवालों को उस बैंक से मुआवजा मिलेगा। ये योजना बैंक के ग्राहकों के लिये ही होती है लेकिन बैंक कभी भी इस बात की जानकारी ग्राहक को नहीं देते।

जानें किस स्थिति में कितना मिल सकता है मुआवजा
अगर आपके पास साधारण एटीएम है तो 1 लाख रुपये तक का मुआवजा परिवार वालों को मिलेगा और अगर कार्ड मास्टरकार्ड है तो ये मुआवजा 2 लाख रुपये तक हो सकता है। आंशिक विकलाँगता की सूची में अगर एक हाथ या एक पैर खराब होता है तो बैंक से 50,000 रुपये का मुआवजा मिल सकता है। वहीं दोनों हाथ या दोनों पैर खराब होने की सूरत में भी 1 लाख रुपये का मुआवजा एटीएम धारक को मिल सकता है।

अलग-एलग एटीएम टाइप पर अलग-अलग बीमा राशि
मास्टर कार्ड धारक को 50 हजार रुपये का बीमा और क्लासिक एटीएम पर 1 लाख रुपये तक का बीमा होता है। सभी वीजा कार्ड पर 2 लाख रुपये का बीमा और मास्टर मित्र कार्ड पर 25 हजार रुपये का बीमा होता है। वहीं प्लैटिनम कार्ड पर 2 लाख रुपये और मास्टर प्लैटिनम कार्ड पर 5 लाख रुपये तक का बीमा आपको बैंक से मिल सकता है।
मतलब ये कि अगर आपके पास प्लेटिनम कार्ड है जो आपके कार्ड पर 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा का प्रावधान है। अगर आपके पास क्लासिक कार्ड या फिर किसान डेबिट कार्ड है तो उस पर 50 हजार रुपये की राशि तय की गई है पीएनबी मित्र एटीएम कार्ड पर 25 हजार रुपये का दुर्घटना बीमा होता है। जबकि मास्टर रक्षक प्लेटिनम कार्ड पर 5 लाख रुपये का बीमा राशि तय की गई है।

जानें अपने हक को
आपके लिये सलाह यही है कि बैंक में अपने एटीएम के बारे में पूछताछ करें और इस बात की जानकारी माँगें कि आपके एटीएम कार्ड पर आपको कितना बीमा मिला है। बैंक अगर इंकार करे तो उसे बतायें कि आपको सरकार द्वारा इस योजना की पूरी जानकारी है। अगर दुर्घटना या एटीएम धारक की मृत्यु हो जाती है तो कार्ड टाइप के अनुसार मिलने वाली बीमा राशि की माँग करें और अगर बैंक इंकार करता है तो कंज्यूमर फोरम में जाकर अपना हक ले सकते हैं।

मंगलवार, 19 जुलाई 2016

अलसी से पाइये सम्पूर्ण पोषण

क्या आप अलसी के बारे में नहीं जानते तो जान लीजिये, क्योंकि ये गुणों की खान है। अलसी (Alsi or Flax Seeds)  तिल के बीज से थोड़े बड़े आकार में होती है। खाने में इसका प्रयोग बेक की जाने वाली रेसिपी पर छिड़क कर या इसे पीस कर लड्डूओं या कुकीज़, केक आदि में प्रयोग किया जाता है। यदि आप बिना अंडे के केक आदि बनाना चाहते हैं तो अंडे के विकल्प के रूप में भी अलसी के पिसे हुए चूरे को या अलसी के बीज को भिगो कर पीसकर प्रयोग कर सकते हैं।

इसमें प्रोटीन, फाइबर, लिग्नन, ओमेगा-3 फेटी एसिड, विटामिन-बी ग्रुप, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जिंक, सेलेनियम आदि तत्व होते हैं। अश्वगंधा व हरी सब्जियों में पाया जाने वाला विटामिन नियासीन भी अलसी में प्रचुरता से होता है।


अलसी रक्तचाप को संतुलित रखती है, कॉलेस्ट्रॉल (LDL-Cholesterol)  की मात्रा को कम करती है, दिल की धमनियों में खून के थक्के बनने से रोकती है, हृदयघात व स्ट्रोक जैसी बीमारियों से बचाव करती है, हृदय की गति को नियंत्रित रखती है और वेन्ट्रीकुलर एरिदमिया से होने वाली मृत्युदर को बहुत कम करती है। यह कब्ज और बबासीर के लिये बहुत कारगर है।

अलसी के एंटी-ऑक्सीडेंट ओमेगा-3 व लिगनेन त्वचा के कोलेजन की रक्षा करते हैं जिससे त्वचा आकर्षक, कोमल, नम व बेदाग रहती है। यह स्वस्थ त्वचा जड़ों को भरपूर पोषण दे कर बालों को भी स्वस्थ, चमकदार व मजबूत बनाती है।

अलसी के बीज के चमत्कारों का हाल ही में खुलासा हुआ है कि इनमें 27 प्रकार के कैंसररोधी तत्व खोजे जा चुके हैं। अलसी में पाये जाने वाले ये तत्व कैंसररोधी हार्मोन्स को प्रभावी बनाते हैं, विशेषकर पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर व महिलाओं में स्तन कैंसर की रोकथाम में अलसी का सेवन कारगर है। दूसरा महत्वपूर्ण खुलासा यह है कि अलसी के बीज सेवन से महिलाओं में सेक्स करने की इच्छा तीव्रतर होती है।

कैसे खायें अलसी के बीज
अलसी को धीमी आँच पर हल्का भून ले्ं। फिर मिक्सर में दरदरा पीस कर किसी एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख ले्ं। रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच पावडर पानी के साथ ले्ं। इसे सब्जी या दाल में मिलाकर भी लिया जा सकता है।

इसे अधिक मात्रा में पीस कर नहीं रखना चाहिये, क्योंकि यह खराब होने लगती है। इसलिये थोड़ा-थोड़ा ही पीस कर रखे्ं। अलसी सेवन के दौरान पानी खूब पीना चाहिए्। इसमें फायबर अधिक होता है, जो पानी ज्यादा माँगता है।

एक चम्मच अलसी पावडर को 360 मिलीलीटर पानी में तब तक धीमी आँच पर पकायें जब तक कि यह पानी आधा न रह जाये। थोड़ा ठंडा होने पर शहद या शक्कर मिलाकर सेवन करे्ं। यह गनोरिया, नेफ्राइटिस, अस्थमा, सिस्टाइटिस, कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, कब्ज, बवासीर, एक्जिमा आदि के उपचार में उपयोगी है।

अलसी के बीज के चूरे को रोटी, दूध, दाल या सब्जी की ग्रेवी में मिलाकर खाया जा सकता है। प्रति व्यक्ति पाँच ग्राम से दस ग्राम तक अलसी का खाना स्वास्थ्य के लिये गुणकारी रहता है।

अलसी को नमक लगे पानी में भिगो कर फिर सूखाकर सेक लें, फिर इसे खाना खाने के बाद मुखवास के तौर पर भी खाया जा सकता है।
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विशेष : अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह एसिड थायरायड ग्रंथि के सही तरीके से काम करने में आवश्यक भूमिका निभाता है। हाइपोथायरायडिज्म से पीड़ित लोगों को अलसी और अलसी के तेल का प्रयोग जरूर करना चाहिये।
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गर्मी में आप इसकी मात्रा आधी कर लें। 

शुक्रवार, 15 जुलाई 2016

की-बोर्ड से पाइए मुक्ति

समय है की-बोर्ड से 99% मुक्ति पाने का। जब आप फेसबुक पर कोई लम्बी पोस्ट लिखते हैं तो आपकी अंगुलियाँ थकने लगती हैं या मोबाइल की किसी भी एप्लीकेशन में ज़्यादा लिखना पड़े तो ये विचार मन में आता ही है कि कोई ऐसा उपाय हो कि फटाफट लिखना हो जाये।

तो ये बिल्कुल संम्भव है और इसके लिए किसी भारी भरकम एप की भी जरूरत नहीं। बस, दो मिनट दीजिये और आपका ‘निजी सचिव’ यानि आपका एंड्रॉयड मोबाइल आपकी आवाज पर फटाफट टाइप करेगा।

प्रक्रिया आसान है।
सबसे पहले Setting में जायें।
Language & input को टच करें।
Automatic को अनटिक करें।
भाषाओं की सूची सामने होगी।
नीचे की तरफ जायेंगे तो हिन्दी (भारत) को सिलेक्ट कर लें।
वापस language & input पर आयें।

Google Voice Typing को ऑन कर दें।
अब कोई एप्लीकेशन खोलें जिसमें आपको कुछ लिखना हो। की-बोर्ड प्रकट होगा। अब देखिये स्पेस बार के बाँयीं ओर या की-बोर्ड के ऊपरी तरफ दाहिनी ओर एक छोटा -सा माईक दिखाई देगा।
इसे टच करेंगे तो की-बोर्ड ग़ायब हो जायेगा और बड़े आकार का माईक सामने होगा। माईक के ऊपर हिन्दी भारत लिखा होगा और नीचे Speak Now या अब बोलें ।
बस, अब आप अपने मोबाइल को पास में लेकर वह सब बोलना शुरू कर दीजिये और आपका निजी सचिव फटाफट उसे टाइप करता जायेगा।

( ये सुविधा केवल नेट ऑन होने पर ही मिलेगी)
स्क्रीन शॉट्स के माध्यम से भी आप इस प्रक्रिया को पूरी कर सकते हैं।
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– संजय कुमार शुक्ला

मंगलवार, 28 जून 2016

बिच्छु काटने पर तुरंत आराम के लिए 4 रामबाण उपाय

गाँवों या शहरों में अक्सर कच्ची जगह या बरसात में घर में बिच्छू निकल आते हैं, अगर ये काट ले तो भयंकर पीड़ा होती है, और इनके ज़हर चढ़ने का भी खतरा रहता है, ऐसे में ये रामबाण उपाय सिर्फ 2 मिनट में ज़हर को उतार देगा और दर्द शांत कर देगा...! आइये जाने इस रामबाण उपचार को-

1. बिच्छू के काटने पर रामबाण फिटकरी का प्रयोग
  • फिटकरी को किसी साफ़ किये हुए पत्थर पर, थोड़ा सा पानी डालकर चंदन की तरह घिसें... फिर जहाँ पर बिच्छु ने काटा हो वहाँ पर इस फिटकरी का लेप लगाकर, आग से थोड़ा सेंकें। कैसा भी जहरीला बिच्छु का काटा क्यों न हो, इस फिटकरी के प्रयोग से जहर सिर्फ दो ही मिनट में उतर जाता है।
  • फिटकरी को चिमटी से पकड़ कर थोडा गर्म कर लीजिये, जैसे ही फिटकरी पिघलने लगे तो फिटकरी को बिच्छू के काटे हुए स्थान पर लगा दीजिये, फिटकरी तुरंत वहाँ चिपक जायेगी, और पूरा ज़हर चूसकर अपने आप उतर जायेगी।


2. बिच्छु काटने पर इमली का बीज
इमली के बीज को साफ़ पत्थर पर घिंसें, घिसते-घिसते अन्दर का सफ़ेद भाग निकल आयेगा तो उसे भी बिच्छु के काटने के स्थान पर लगा देंगे तो यह चिपक जायेगा, जैसे ही नीचे गिरे तो दूसरा बीज घिसकर लगाइये... इस प्रकार बिच्छु का ज़हर उतर जाता है।


3. बिच्छु काटने पर माचिस का मसाला
बिच्छु के डंक मारने पर माचिस की 5-6 तीलियों के मसाले को निकालकर पानी में घोलकरर बिच्छु के डंक लगे स्थान पर लगाने से तत्काल बिच्छु का जहर उतर जाता है। इससे मधुमक्खी व बर्रे के काटने पर लगाने से भी जहर नहीं फैलता और तुरन्त आराम मिलता है।


4. बिच्छू काटने पर सेंधा नमक
बिच्छू के डंक मार जाने पर अगर ज़हर का स्थान ना मिले तो ऐसे में ये उपाय बेहद लाभकारी है। लाहोरी (सेंधा नमक) पंद्रह ग्राम और साफ़ पानी 75 ग्राम आपस में मिलकर साफ़ शीशी में भर कर रखे लें... बस दवा तैयार है... बिच्छु काटने पर आँखों में सलाई (सुरमा लगाने वाली) की सहायता से आँखों में एक एक बूँद डाल दीजिये, कुछ ही मिनटों में ज़हर उतर जायेगा... ये प्रयोग अन्य प्रयोगों के साथ भी किया जा सकता है।

बिच्छु काटने पर विशेष

1. उग्र विष वाले बिच्छु जिसकी दुम धरती पर घिसटती चलती है, के काटने पर, अगर किसी ऐसी जगह काटा हो जहाँ पटी बांध सकें तो बांध दें जैसे की हाथ, पैर या जाँघ पर, जहाँ काटा गया हो वहाँ से चार ऊँगली ऊपर बाँध देना चाहिये फिर उसके चार ऊँगली ऊपर फिर से बाँध दें। ऐसा करने से विष पूरे शरीर में नहीं फैलेगा।

2.यदि डंक दंश स्थान में रह गया हो तो किसी सेफ्टीपिन या चिमटी को आग की लौ में गर्म करने के बाद त्वचा में घुसे हुए डंक को उसकी सहायता से निकाल देना चाहिए और बिना समय नष्ट करें उपरोक्त उपचारों में से एक उपचार कर लेना चाहिये।

3. बारीक़ पिसा हुआ सेंधा नमक को प्याज के टुकड़े से उठाकर दंश-स्थान पर मले, इससे जहर और डंक दोनों दूर होंगे।

मंगलवार, 14 जून 2016

आधार कार्ड में छपी अपनी फोटो भी बदलवा सकते हैं।

आप आधार कार्ड में छपी अपनी फोटो भी बदलवा सकते हैं। इसके लिये आपको बस 15 रूपये खर्च करने होंगे। इसे बदलने के लिये एक साधारण कार्य आपको करना है जो इस प्रकार है-
  • सबसे पहले आपको आधार कार्ड सेंटर जाना होगा। अगर आधार कार्ड आप तक नहीं पहुँच पाया है तो आप अपना इनरोलमेंट नंबर लेकर आधार कार्ड सेंटर जायें।
  • आधार कार्ड सेंटर पर पहुँचकर आपको एक बार फिर आधार कार्ड का आवेदन भरना होगा। इस आवेदन में आपको अपना आधार नंबर भी देना होगा।
  • आवेदन भरने के बाद आपको फिर से अपनी अँगुलियों व आँखों की स्कैनिंग के साथ फोटो खिंचवानी होगी। अगर फोटो सही न आये तो आप दुबारा फोटो खिंचवा सकते हैं।
  • इसके बाद आपकी सारी जानकारी आधार कार्ड सेंटर बेंगलुरू को भेज दी जायेगी, जिसके बाद आपका डाटा प्रोसेस होगा और नई फोटो के साथ आपका आधार कार्ड दो हफ्ते के अंदर आपके घर पहुँच जायेगा।
  • इसके लिए आपको मात्र 15 रुपए खर्च करने होंगे, क्योंकि आधार कार्ड केवल एक बार फ्री बनता है। बॉयोमेट्रिक डीटेल बदलवा कराने के लिए सेंटर पर पैसे खर्च करने होंगे।
अपने बच्चे के आधार कार्ड को सुधार करवा सकते हैं
  • 0 से 5 साल के बच्चे का आधार कार्ड बन जाता है, लेकिन उसका बॉयोमेट्रिक अपडेट नहीं लिया जाता है।
  • पहले कार्ड में माता-पिता का एड्रेस लिया जाता है, जिससे आधार कार्ड बन जाता है।
  • जब बच्चे की उम्र 5 साल से ऊपर हो जाती है, तब बॉयोमेट्रिक अपडेट होता है।
  • फिर 15 साल और 18 साल पूरा कर लेने पर बच्चे के कार्ड में फोटो अपडेट किया जाता है।
पोष्ट के माध्यम से भी करवा सकते हैं आधार कार्ड में बदलाव
  • अगर आपके घर या फिर ऑफिस में ऑनलाइन अपडेशन की सुविधा नहीं है और आप अपने आधार कार्ड की डिटेल्स को पोष्ट के द्वारा भी बदलवा सकते हैं।
  • इसके लिए आपको आधार कार्ड अपडेशन आवेदन भरना होगा।
  • आवेदन भरने के बाद आपको अपने डॉक्युमेंट अटेस्ट करने होंगे और अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी डॉक्युमेंट के साथ लगानी होगी।
  • इसके बाद आपको अपना आवेदन आधार कार्ड के रीजनल ऑफिस में भेजना होगा।
  •  UIDAI के भारत में 6 रीजनल ऑफिस हैं-
    1
    Chandigarh

    0172-2711947
    2
    Delhi

    011-23481126
    3
    Hyderabad

    040-23119266, 040-23119911
    4
    Lucknow

    0522-2304979, 0522-2304978
    5
    Mumbai

    022-22163492/94
    6
    Ranchi

    0651-6450145(Ranchi), 
    0612-2545678(Patna)

  • रीजनल ऑफिस में आवेदन भेजने के बाद आपका कार्ड दो से तीन हफ्ते के भीतर अपडेट होने के बाद आपके पास आ जायेगा। 
आधार कार्ड के फायदे
  • अगर आपके पास आधार कार्ड है तो आप आसानी से किसी भी बैंक में एकाउंट खुलवा सकते हैं।... 
  • अपने बैंक अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करने पर आपको सरकार की डीबीटीएल स्कीम में कैश सब्सिडी आसानी से ट्रांसफर हो जायेगी।... 
  • आधार कार्ड की मदद से आप इन्कम टैक्स रिटर्न आसानी से फाइल और वैरिफाई कर सकते हैं, जिसके बाद आपको एक्नॉलेजमेंट आवेदन बेंगलुरू नहीं भेजना पड़ेगा। 
  • पासपोर्ट बनवाने के लिये, गैस और बिजली का कनेक्शन लेने, केवाईसी के लिये आप आधार कार्ड प्रयोग में ला सकते हैं।... 

रविवार, 22 नवंबर 2015

सेहत का बादशाह खजूर

एनर्जी- खजूर एनर्जी के बड़ा स्त्रोत है। इसमें प्राकृतिक शुगर जैसे ग्लोकोज, सुक्रोज और फ्रुक्टोज पाई जाती है। ज्यादा एनर्जी के लिए खजूर को दूध के साथ लें। इससे यह एक अच्छा पोषक स्नेक्स बन जाता है।
कब्ज- अगर आप कब्ज से परेशान हैं तो खजूर इसमें बहुत फायदेमंद है। कब्ज दूर करने के लिए रात को खजूर भिगोकर रखें और सुबह खा लें। जिस पानी में आपने खजूर भिगोये थे। वह भी लाभदायक है।
बालों का झड़ना रोके- खजूर बालों के लिए बहुत अच्छे होते हैं। रोजाना 2-3 खजूर खाने से बाल मजबूत और हेल्दी बनते हैं। खजूर का तेल भी बालों को झड़ने से बचाता है।

एनिमिया- खजूर में भारी मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो एनिमिया के इलाज में बहुत फायदेमंद है। इसे ज्यादा मात्रा में भी खाया जा सकता है क्योंकि यह शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं डालता।

एंटीएजिंग- खजूर में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है और आपकी स्किन को जवाँ बनाता है और झुर्रियाँ मिटाता है। खजूर स्किन की समस्याओं को दूर करता है।

कैंसर- खजूर का बॉडी पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और यह पूरी तरह से प्राकृतिक है। खजूर पेट के कैंसर की जोखिम को कम करता है। साथ ही खजूर से आँखों की रोशनी तेज होती है और रात के वक्त होने वाले अंधेपन से भी बचाता है।

लो फैट- खजूर कोलेस्ट्रॉल फ्री होते हैं मोटापा नहीं बढ़ता है। इसमें विटामिन्स और मिनरल्स पाये जाते हैं। साथ ही यह पाचन तंत्र को भी दुरूस्त रखता है। इसमें बहुत कम कैलोरी पाई जाती है।

त्वचा संबधी समस्या- 2-3 खजूर खाने से स्किन समस्या में फायदा होता है।

गुड़ एक ऐसा शानदार मेवा

सर्दियों में खाये जाने वाले पौष्टिक पदार्थों में गुड़ एक ऐसा शानदार मेवा है जिससे ना केवल आपकी सेहत में चार चाँद लग जाते हैं बल्कि आपके बाल, हड्डियाँ और सम्पूर्ण सेहत सुधर जाती है। गुड़ आपकी मीठा खाने की चाहत तो पूरी करता ही है, साथ ही आपकी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

झुर्रियाँ और पिंपल्स- गुड़ में भरपुर विटामिन और मिनरल्स पाये जाते हैं, जो स्किन को पोषित करते हैं। गुड़ से स्किन सॉफ्ट, हेल्दी, हाइड्रेट और ग्लोइंग बनती है। इससे चेहरे पर झुर्रियाँ भी नहीं पड़ती और यह पिंपल्स होने से भी रोकता है।

कम करें वजन- मीठा खाने से कैलोरी बढ़ती है जिससे वजन ज्यादा होने लगता है, लेकिन गुड़ में पाये जाने वाले मिनरल्स विशेषत पोटेशियम वजन को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। साथ ही यह मेटाबोलिज्म भी बढ़ाता है।

कब्ज- गुड़ पाचन का एक बहुत अच्छा साधन है। इससे पाचन तंत्रा दुरूस्त बना रहता है और कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्याएं नहीं होती है। खाने के बाद गुड़ खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद रहता है।

घने बाल- गुड़ आयरन का एक अच्छा स्त्रोत है। इसे विटामिन सी से भरपुर चीजों जैसे नींबू, आँवला आदि के साथ खाने से बाल लंबे, घने, काले और हेल्दी बनते हैं। ऐसा माना जाता है कि महिने में दो बार शैंपू से पहले गुड़, मुल्तानी मिट्टी और दही का मिश्रण बालों में लगाने से बाल प्राकृतिक रूप से खूबसूरत और लंबे होते हैं।

लिवर की सफाई- गुड़ का एक छोटा सा टुकड़ा आपके शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर कर देता है। अगर कोई एल्कोहल का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करता है तो लिवर की सफाई के लिए गुड़ बेस्ट है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गुड़ खाकर आप ज्यादा एल्कोहल पी सकते हैं। एल्कोहल शरीर के लिए हानिकारक होता है।

जोड़ों के दर्द में सहायक- गुड़ में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। गुड़ के सेवन से हड्डियों से जुड़ी समस्याओं और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। रोज अदरक के एक टुकड़े के साथ गुड़ खाने से जोड़ों का दर्द ठीक होता है और ज्वॉइंट्स मजबूत बनते हैं।

अस्थमा में सहायक- गुड़ में एंटीऑक्सीडेंट्स पाये जाने से यह गले और फेफड़ों के इंफेक्शन से बचाव करता है। साथ ही अस्थमा मरीज को साँस लेने में होने वाली दिक्कत को भी दूर करता है।

इम्यूनिटी- गुड़ में एंटिऑक्सीडेंट्स, जिंक, सेलेनियम पाया जाता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जिससे बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है इसलिए रोज एक छोटा सा गुड़ का टुकड़ा खाना चाहिये।

खून की सफाई- अगर रोजाना गुड़ खाया जाय तो यह खून को प्योरिफाई करता है। इससे खून साफ रहता है। गुड़ खाने से ब्लड हीमोग्लोबिन बढ़ता है और खून संबंधी कई बीमारियों की जोखिम कम होती है।

रविवार, 12 अप्रैल 2015

ban.jo बैंजो यानी द लाईव इंटरनेट

चाहे गेजेट शो के लाइव प्रसारण को देखना हो या इटली में फैली आग की त्वरित जानकारी, या आस्ट्रेलिया के हाइवे पर हुई कार भिड़ंत, दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली हर अच्छी-बुरी घटनाओं की त्वरित जानकारी पहुँचाने का काम करता है http://ban.jo/ बैंजो। रियल टाइम कवरेज देने के कारण यह सॉफ्टवेयर यूजर्स में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन एक वेब सॉफ्टवेयर आखिर इतनी वृहद जानकारी जुटाता कैसे है? दुनिया भर की तमाम सोशियल नेटवर्किंग (फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वाइन के अलावा रूस और चीन की भी सोशियल साइट्स) बैंजो http://ban.jo/ को ये तमाम जानकारियाँ उपलब्ध करवाती है। यानी इसने दुनिया के तमाम सोशियल मीडिया को एक मंच पर खड़ा कर दिया है। http://ban.jo/ बैंजों के संस्थापक व सीईओ डैमियन पैटॉन लॉसएंजलिस में पले-बढ़े हैं। नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करके सॉफ्टवेयर बिजनेस से जुड़े। 2009 में एयरपोर्ट पर पुराने दोस्त से मिले और व्यथित होकर बोले- ‘‘काश..! मेरे पास दुनिया भर का डाटा एकत्र करनेवाला कोई साधन होता।’’ यहीं से उन्होंने फ्रैंड-फाइंडिंग एप पियर कैम्पस’’ बनाया। 2010 में फंड तलाश रहे थे कि गुगल की एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और आठ लाख डॉलर कमाये। अप्रैल 2011 में कैलिफोर्निया स्थित अपने घर लौटने के बाद उन्होंने 72 घंटों में बैंजो http://ban.jo/ को बनाया। इस सॉफ्टवेयर को माइन ऑफ सोशल मीडिया’’ व इवेंट डिटेक्टशन इंजन’’ भी कहा जाता है। वे मानते हैं कि यह टेक्नोलॉजी एक प्लेटफॉर्म है, फाइनेंस सर्विसेज़, मार्केटिंग, इंश्योरेंस, न्यूज़ एड मीडिया, पब्लिक हेल्थ आदि को प्रमोट करने का।

यदि भूल गये हैं Wi-Fi का पासवर्ड, तो इन Steps से कर सकते हैं रिकवर

कई बार लॉगइन करने के बाद भी अगर आपको अपने वाई-फाई राउटर का पासवर्ड याद नहीं आ रहा है तो उसके लिए कुछ आसान ट्रिक्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। आपके वाई-फाई राउटर में जो भी पासवर्ड दिया गया है वो कुछ स्टेप्स को फॉलो करके वापस देखा जा सकता है। ये पासवर्ड नॉर्मल फॉर्मेट में दिखेगा जिसे यूजर्स पढ़ सकें। अपना वाई-फाई पासवर्ड देखने के लिए फॉलो करें ये स्टेप्स-
* स्टेप 1-
यूजर्स अपने कम्प्यूटर या लैपटॉप के कंट्रोल पैनल में जायें
Start > Control Panel > Network and Sharing Centre
नेटवर्क शेयरिंग सेंटर पर सभी वायरलेस और वायर्ड नेटवर्क्स की लिस्ट दी होती है जिनके जरिये सिस्टम में इंटरनेट एक्सेस किया जाता है। अगर आप विंडोज 8 का इस्तेमाल कर रहे हैं तो “Windows key + C” इस शॉर्टकट को एक साथ क्लिक करें। इसके बाद सर्च पर क्लिक करें और Network and Sharing Center को ढूँढें।

नोट : ये स्टेप्स पर्सनल वाई-फाई नेटवर्क के लिये है। अगर आप किसी ऑफिस के नेटवर्क या किसी अन्य यूजर के वाई-फाई का पासवर्ड देखने की कोशिश करेंगे तो ये काम नहीं करेंगी।
* स्टेप 2-
नेटवर्क एंड शेयरिंग सेंटर पर जाकर “Change ada{ter settings” नाम के ऑप्शन पर क्लिक करें।
* स्टेप 3-
अब इस स्टेप में जिस भी वाई-फाई कनेक्शन का इस्तेमाल आप कर रहे हैं उसे सलेक्ट कर राइट क्लिक करें। इसके बाद Status ऑप्शन पर क्लिक करें।
* स्टेप 4-
“Status” स्टेटस ऑप्शन में जाकर वायरलेस प्रॉपर्टीज (Wireless Properties) नाम के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
* स्टेप 5-
ऐसा करने के बाद यूजर्स के सामने एक विंडो खुलेगी। इस विंडो में दो टैब्स दिये होंगे। एक Connections और दूसरा Security यहाँ सिक्युरिटी टैब पर क्लिक करें।
* स्टेप 6-
अब यूजर्स के सामने तीन ऑप्शन आयेंगे। इनमें सिक्युरिटी टाइप, एन्क्रिप्शन टाइप और नेटवर्क सिक्युरिटी की (Network Security Key) शामिल होंगे। नेटवर्क सिक्युरिटी वाले ऑप्शन में पासवर्ड की जगह “*” दिखेंगे। नीचे एक चेक बॉक्स दिया गया होगा जिसमें Show Characters लिखा होगा। इस चेक बॉक्स पर क्लिक करते ही आपके वाई-फाई का पासवर्ड दिखने लगेगा।

शुक्रवार, 6 मार्च 2015

Railway से संबंधित Complaint हेतु App


Railway ने Passengers की शिकायतों के लिये वेब portal और App लॉन्च किया है। इस portal या App पर Complaint करने के बाद Passenger उसका Status भी जान सकेंगे। वर्तमान में, Complaint और सुझाव की यह सुविधा English में उपलब्ध है।

इस Web Portal www.coms.indianrailways.gov.in और App की खासियत यह है कि इस पर संभावित Complaints के मुताबिक अलग-अलग विभाग के बारे में पहले से ही जानकारी दी गई है, यानी अगर Passenger को Seat की Complaint है, सफाई की या फिर Bed Roll की तो Passenger फौरन ही उसे Click कर सकता है। इसके अलावा Passenger को Train, Coach, PNR Number और तारीख आदि भी दर्ज करनी होगी। Complaint दर्ज करने के बाद Passenger को Complaint Number भी जारी किया जाएगा। यही नहीं, Passenger अगर अपनी Complaint को Track करना चाहेगा, तो वह भी उस Number के जरिए Track कर पाएगा।

इसके अलावा Passengers के लिये SMS के जरिए Complaint की सुविधा भी जारी रहेगी। Passenger चाहें तो Mobile Number 9717630982 पर अपनी Complaint चलती Train में भी SMS कर सकते हैं। इस Web Portal और APP में यह भी सुविधा है कि अगर कोई Passenger चाहे तो गंदगी आदि देखकर उसकी Photo खींचकर Upload भी कर सकता है।
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APP गूगल प्ले से डाउनलोड करें।

गुरुवार, 5 मार्च 2015

Facebook के सरल Tips & Tricks सीखिये


Internet सामाजिक Networking Site Facebook दुनियाभर में अपना जादुई असर फैला चुकी है और ज्यादातर लोग इसके दीवाने बन चुके हैं। वैसे तो Facebook की शुरुआत मित्रों, सहकर्मियों, परिजनों के साथ-साथ नये लोगों से संपर्क बनाने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए की गई थी, लेकिन अब यह सिर्फ लोगों के लिये संपर्क माध्यम मात्र नहीं रह गया है।
Facebook पर अब विभिन्न तरह की जानकारियाँ साझा की जाने लगी हैं जिसमें विपणन, Brand-Promotion, नौकरी के विज्ञापन, Dating और शादी का प्रस्ताव के साथ-साथ कई तरह के प्रचार-प्रसार अभियान शामिल हैं। दुनियाभर के लोगों में Facebook का बहुत ही ज्यादा उन्माद है। लोग Facebook के इतने आदी हो चुके हैं कि इस पर Update और Chanting में घंटों तल्लीन रहते हैं। यही वजह है कि अब कई दफ्तरों में इसके लिये पाबंदी या विशेष नियम लागू किये जा रहे हैं। 

अगर आप भी सामाजिक Networking Site Facebook का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इसकी सामान्य जानकारी जरुर होगी, जैसे Status Update करना, दोस्ती का अनुरोध भेजना, किसी को मित्र सूची में जोड़ना या हटाना, Facebook Wall, Profile आदि की जानकारी। हालाँकि Facebook पर इसके अलावा भी कई और अलग-अलग विषय वस्तु है जिसके बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं। कुछ उपयोगी और दिलचस्प Facebook जानकारियाँ-

Facebook पर पसंद के Button हर जगह मौजूद रहता है, लेकिन अगर आप चाहें, तो Post पसंद नहीं आने पर पसंद की तरह ही नापसंद का Button भी जोड़ सकते हैं। वैसे तो आमतौर पर Comment के जरिये भी अपनी राय व्यक्त की जा सकती हैं लेकिन सोचिये कितना अलग और मजेदार अनुभव होगा, कि आपके Status Update या आपकी Share की गई सामग्री को आपके दोस्त पसंद न आने पर नापसंद कर सकें।
बस इसके लिये जरुरी है Status Magic Facebook App जो आपके Facebook Account में एक Dislike Button बटन जोड़ देता है। इतना ही नहीं, आप Love, Hate, Disagree या फिर Lol जैसी दूसरे Button भी जोड़ सकते हैं।

अगर आप नहीं चाहते हैं, कि कुछ लोग आपका Status Update देखें, तो “ What’s on your mind” बॉक्स के नीचे ‘Padlock’ Option पर Click करें। इससे एक Drop-down Menu आयेगा। इसमें ‘Customize’ Option Select करने से “Make this visible to” और “Hide From” जैसे Option आयेंगे। इस Option की मदद से आप कुछ चुनिंदा लोगों के साथ ही अपना Status Share कर सकते हैं।

अगर आप चाहते हैं कि आप Facebook पर Online रहते हुए भी चुनिंदा या सब लोगों को Offline नजर आयें, तो इसका भी तरीका है। अपने Monitor के दाहिनी ओर नीचे की तरफ मौजूद Chat Option पर जायें और Friends पर Click करें। इसके बाद एक छोटी Window खुलेगी, जिसमें आप Type कर एक नई List बना सकते हैं। उदाहरण के लिये Block List।
इस Block List नामक नई List में आप उन लोगों का नाम Select कर Drag कर सकते हैं जिनसे आप बात नहीं करना चाहते। इसके बाद आप अपने Status को इस खास Group के लिये Offline Set कर दें। इसके बाद आप Facebook पर तो होंगे, लेकिन इस Group को Online नजर नहीं आयेंगे।

आप Facebook पृष्ठ पर जाये बिना भी ‘Hellotxt’ की मदद से Facebook Status Update कर सकते है। ‘Hellotxt’ Facebook समेत कई सामाजिक और Networking Sites का Status Update करने में काम आता है।

‘Facebook Photo Album Down loader Face paid’ की मदद से आप अपने Friends की Facebook एल्बम, ईवेंट Album या फिर Group Album को सिर्फ एक Click की मदद से Download कर सकते हैं।

अगर Office के नियम आपको Facebook इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देते, लेकिन आपको Facebook इतना ज्यादा पसंद है कि Status Update और Like से अपने आपको दूर रख पाना मुश्किल होता है, तो इसका भी उपाय है। इस उपाय की मदद से आप Office में बैठकर भी Facebook का इस्तेमाल कर सकते हैं।

techhit.com Website FB Look नाम से एक छोटा-सा Toolbar Microsoft Outlook के साथ Integrated कर देती है। इसकी मदद से आप अपना Status Update कर सकते हैं, अपनी या किसी भी मित्र की FB Wall पर Post की गईं Photo, जानकारियाँ और Massage देख सकते हैं।

यह Facebook का एक नया Feature है और किसी भी Facebook पृष्ठ के Administrator के लिये बड़े काम की चीज है। Schedule Post की मदद से आप किसी भी Post को अपनी मर्जी से तय तारीख और समय पर Post कर सकते हैं, लेकिन यहाँ ये ध्यान रखना जरुरी है कि आप अगले छह महीने निश्चित समयावधि तक में ही किसी Post को Schedule कर सकते हैं।
Post Schedule करने के लिये आपको Status Bar के नीचे बने घड़ी के Icon पर Click कर Posting की तारीख और समय Set करना पड़ता है।

सोमवार, 2 मार्च 2015

E-mail ऐसे रोकें

ऐसा कम ही होता है कि आप किसी को गलत E-mail कर दें, लेकिन ऐसी गलती कभी-कभी हो भी जाती है। कभी आप भूल जाते हैं कि आपको किसी को E-mail करते समय CC में भी रखना था या जिसको E-mail कर रहे हैं उसको Gmail की ID पर नहीं बल्कि Office की E-mail आईडी पर E-mail करना था।

ऐसे स्थिति में आप क्या करते हैं? क्या आप जानते हैं कि आप ऐसे गलत E-mail को भेजने के बाद रोक भी सकते हैं।

अगर आप Gmail User हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं। Gmail User’s E-mail भेजने के कुछ समय बाद तक अपने E-mail को रोक सकते हैं। इसके लिए निम्न Step पूरे करें-

Gmail पर Logion होने के बाद Screen के दायें ऊपर की ओर दिखाई देने वाले Gear Button को क्लिक करें।

यह Gear Button आपकी Google Plus Profile Image के ठीक नीचे दिखाई देता है, इसके Dropdown में से Setting चुनिये।

Gmail सेटिंग्स Option में जाकर आपको ऊपर की ओर कई सारे Features जैसे General, Labels, Inbox, Accounts, Chat, Themes दिखाई देते हैं।

यहाँ आपको 'Labs' Option पर Click करना है। इसके बाद Screen को Scroll करके नीचे की ओर जायें।

यहाँ भी आपको काफी सारे Option दिखाई देते हैं। Scroll करके आपको नीचे की ओर जाना है। यहाँ आपको अंतिम Option से पहले तीसरे नंबर पर 'Undo Send' दिखाई देगा।

इसी Option के सामने दो विकल्प Enable और Disble दिखाई देते है। आपको Enable पर क्लिक करना है।

इसके बाद Screen को नीचे की ओर Scroll करें और Save Changes बटन पर Click करें।

Save Changes पर Click करने के बाद, आप Inbox पर फिर से पहुँच जायेंगे। ए‌क बार फिर पहला Step दोहरायें और Setting को चुनें। Setting पर Click करते ही आपके सामने Default 'General' Tab खुलेगा। Tab में नीचे Scroll करें और 'Undo Send' का देखें। इस पर Tick Mark मिलेगा।

इस Tick Mark के ठीक नीचे आप खुद चुन सकते हैं कि एक भेजे गये E-Mail को रोकने के लिये आपको कितना समय चाहिये।

यहाँ आपको 5 से लेकर 30 सेकेंड का समय मिलता है। एक बार आपने अपना समय चुन लिया हो, तो नीचे की तरफ Scroll करें और Save Changes पर क्लिक करें।

अब आप ऊपर निर्धारित किये गये समय तक अपना Mail रोक सकते हैं। आप जब किसी को E-Mail भेजते हैं तो आपके समाने तुरंत Undo Send का Option आ जाता है, जिसका आप निर्धारित समय के अंदर इस्तेमाल कर सकते हैं।

शनिवार, 28 फ़रवरी 2015

Youtube के विडियो मोबाईल और कम्प्युटर से डाउनलोड करने का बेहतरीन तरीका

वैसे तो बहुत से तरीके और Sites हैं जहाँ से आप Youtube के Video को Download कर सकते हैं, लेकिन आज आपके लिये एक ऐसा तरीका है, जिसे करने के बाद आप अपने Computer  के साथ-साथ अपने Mobile से भी Youtube का कोई भी विडियो Download कर सकते हो- 
सबसे पहले Youtube पर जाकर कोई भी Video पर Click करें Video खुल जाने पर अब उसके URL में Youtube के पहले ss Type कर दें जैसे ये एक गाने का URL है http://www.youtube.com/watch?v=tuyiu5iVpYc अब इसमें आपको बस Youtube से पहले ss Type करना है तब आपका URL हो जायेगा-http://www.ssyoutube.com/watch?v=tuyiu5iVpYc ऐसा करने से आप Youtube के Video को अलग-अलग Farmet में Save कर सकते हैं और अगर आप अपने Mobile से Youtube के Video को Save करना चाहते हैं तो आपके Mobile में इस Video का URL होगा- http://www.m.youtube.com/watch?v=tuyiu5iVpYc इसमें आपको m की जगह बस ss Video करना है और Ok का Button दबाना हैं ऐसा करते ही आप Mobile से भी Youtube के Video को Download कर सकते हैं।

अपने मोबाईल से दूसरे मोबाईल में बैलेंस ट्रांसफर कैसे करें?

आज के समय में मोबाईल सबकी अभिन्न अंग बन गया है। चाहे छोटा हो या बड़ा, हर व्यक्ति मोबाईल का इस्तेमाल करता है। मोबाईल के सहारे ही हम घर से दूर रहकर परिवार के लोगों एवं मित्रों से सुख-दुख बातें कर पाते हैं, लेकिन यह तब संभव है, जब तक की मोबाईल में बैलेंस रहता है। वैसे तो रिचार्ज करने की सुविधा हर जगह उपलब्ध है, परंतु कभी-कभी मोबाईल का बैलेंस ऐसी स्थान पर खत्म होता है, जहाँ पर मोबाईल रिचार्ज करने की कोई सुविधा नहीं होती है। इसी परेशानी से छुटकारा हम और आप अब आसानी से पा सकते हैं। एक मोबाईल से दूसरे मोबाईल में बैलेंस ट्रांसफर करके। हम जब चाहें अपने मोबाईल से बैलेंस अपने मित्र या किसी रिश्तेदार के मोबाईल में अपना बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं, वो भी बहुत आसानी से। 
लेकिन…इसके सुविधा को पाने के लिये थोड़ा सा शुल्क भी अदा करना होगा। इस सुविधा के जरिये हम 5 रुपये से लेकर 100 रुपये तक बैलेंस ट्रांसफर कर सकते है। बशर्ते दोनों नंबरों का नेटवर्क एक ही होना चाहिये। आपके लिये एक आसान सा ट्रिक, जिससे आप एक मोबाईल का बैलेंस दूसरे मोबाईल में आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं। 

अगर आपके पास एयरटेल का सिम हैं तो आप अपने मोबाईल से *141# डॉयल करें और सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुये किसी भी एयरटेल नेटवर्क पर 5 रुपये से लेकर 50 रुपये तक का बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं। एयरटेल नेटवर्क पर बैलेंस ट्रांसफर करने के लिये आपको 2 या 4 रुपये अतिरिक्त चुकाना पड़ेगा। 

अगर आपके पास aircel का सिम हैं तो आप किसी भी aircel नेटवर्क पर 5 रुपये से लेकर 100 रुपये तक का बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं। बैलेंस ट्रांसफर करने के लिये आपको अपने Aircel सिम से *122*666# डॉयल करना होगा। नंबर डॉयल करने के बाद वह नंबर डालें जिस नंबर पर आपको बैलेंस ट्रांसफर करना है। 

अपने Idea नंबर से दूसरे आईडिया नंबर पर बैलेंस ट्रांसफर करने के लिये आपको एक मैसेज टाइप करना होगा- GIVE (space) Mobile Number (space) Amount लिखकर 55567 पर भेज दें। जैसे GIVE 9852XXXXXX 50 लिख कर 55567 पर SMS करना है। ऐसा करते ही उस मोबाईल नंबर पर उतने रुपये का बैलेंस ट्रांसफर हो जायेगा। 

अगर आपके पास BSNL का सिम हैं तो उसमें भी आपको बी.एस.एन.एल. नेटवर्क पर बैलेंस ट्रांसफर करने के लिये मैसेज बॉक्स में जाकर एक मैसेज टाइप करना पड़ेगा, जिसमें आपको लिखना है- GIFT <SPACE> AMMOUNT <SPACE>MOBILE NUMBER लिखकर 53733 पर मैसेज भेज दें, इतना करते ही आपका बैलेंस उस BSNL नंबर पर ट्रांसफर हो जायेगा, जिसका कि आप मैसेज में लिखोगे। जैसा की- GIFT 50 9473XXXXXX 

अगर आपके पास रिलायंस gsm का सिम हैं तो बैलेंस ट्रांसफर करने के लिये आपको अपने रिलायंस मोबाईल से 367 नंबर डॉयल करना होगा और निर्देशों का पालन करते हुये आगे बढ़ना होगा। डिफ़ॉल्ट पिन के रूप में आपको 1 दबाना होगा। ऐसा करते ही आपका बैलेंस उस रिलायंस नंबर पर ट्रांसफर हो जायेगा, जो नंबर आप टाइप करेंगे। 

Uninor का सिम इस्तेमाल करने वालों को Uninor नेटवर्क पर बैलेंस भेजने के लिये *202*mobile number*Ammount# लिखकर डॉयल करना होगा। ऐसा करते ही आपका बैलेंस उस नंबर पर ट्रांसफर हो जायेगा। 

अगर आपके पास VODAFONE का नंबर हैं तो आपको दूसरे वोडाफोन उपभोक्ता के नंबर पर बैलेंस ट्रांसफर करने के लिये *131*AMOUNT*MOBILE NUMBER (जिस पर बैलेंस भेजना हैं ) # डॉयल करना होगा। ऐसा करते ही VODAFONE उपभोक्ता के पास बैलेंस ट्रांसफर हो जायेगा।

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2015

अनेक रोगों का मूल कारणः विरूद्ध आहार

  • जो पदार्थ रस-रक्तादि धातुओं के विरूद्ध गुण-धर्म वाले व वात-पित-कफ इन त्रिदोषों को प्रकुपित करने वाले हैं, उनके सेवन से रोगों की उत्पत्ति होती है। इन पदार्थों में कुछ परस्पर गुण विरुद्ध, कुछ संयोग विरूद्ध, कुछ संस्कार विरूद्ध और कुछ देश, काल, मात्रा स्वभाव आदि से विरूद्ध होते हैं। जैसे – दूध के साथ मूँग, उड़द, चना आदि सभी दालें, सभी प्रकार के खट्टे व मीठे फल, गाजर, शकरकंद, आलु, मूली जैसे कंदमूल, तेल, गुड़, शहद, दही, नारियल, लहसुन, कमलनाल, सभी नमकयुक्त व अम्लीय पदार्थ संयोग विरुद्ध हैं। दूध व इनका सेवन एक साथ नहीं करना चाहिये। इनके बीच कम-से-कम 2 घंटे का अंतर अवश्य रखें। ऐसे ही दही के साथ उड़द, गुड़, काली मिर्च, केला व शहद, शहद के साथ गुड़, घी के साथ तेल नहीं खाना चाहिये।
  • शहद, घी, तेल व पानी इन चार द्रव्यों में से दो अथवा तीन द्रव्यों को समभाग मिलाकर खाना हानिकारक है। गर्म व ठंडे पदार्थों को एक साथ खाने से जठराग्नि व पाचनक्रिया मंद हो जाती है। दही व शहद को गर्म करने से वे विकृत बन जाते हैं।
  • दूध को विकृत कर बनाया गया छेना, पनीर आदि व खमीरीयुक्त पदार्थ (जैसे – डोसा, इडली, खमण) स्वभाव से ही विरुद्ध हैं अर्थात् इनके सेवन से लाभ की जगह हानि ही होती है। रासायनिक खाद व इंजेक्शन द्वारा उगाये गये अनाज व सब्जियाँ तथा रसायनों द्वारा पकाये गये फल भी स्वभाव विरुद्ध हैं। हेमंत व शिशिर इन शीत ऋतुओं में ठंडे, रूखे-सूखे, वातवर्धक पदार्थों का सेवन, अल्प आहार तथा वसंत-ग्रीष्म-शरद इन उष्ण ऋतुओं में उष्ण पदार्थ व दही का सेवन काल विरुद्ध है। मरुभूमि में रूक्ष, उष्ण, तीक्ष्ण पदार्थों (अधिक मिर्च, गर्म मसाले आदि) व समुद्रतटीय प्रदेशों में चिकने ठंडे पदार्थों का सेवन, क्षारयुक्त भूमि के जल का सेवन देश विरुद्ध है।
  • अधिक परिश्रम करने वाले व्यक्तियों के लिए रूखे-सूखे, वातवर्धक पदार्थ व कम भोजन तथा बैठे-बैठे काम करने वाले व्यक्तियों के लिए चिकने, मीठे, कफवर्धक पदार्थ व अधिक भोजन अवस्था विरूद्ध है।
  • अधकच्चा, अधिक पका हुआ, जला हुआ, बार-बार गर्म किया गया, उच्च तापमान पर पकाया गया (जैसे – ओवन में बना व फास्टफूड), अति शीत तापमान में रखा गया (जैसे – फ्रिज में रखे पदार्थ) भोजन पाक विरूद्ध है।
  • मल-मूत्र का त्याग किये बिना, भूख के बिना अथवा बहुत अधिक भूख लगने पर भोजन करना क्रम विरुद्ध है।
  • जो आहार मनोनुकूल न हो वह हृदय विरुद्ध है क्योंकि अग्नि प्रदीप्त होने पर भी आहार मनोनुकूल न हो तो सम्यक् पाचन नहीं होता।
  • इस प्रकार के विरोधी आहार के सेवन से बल, बुद्धि, वीर्य व आयु का नाश, नपुंसकता, अंधत्व, पागलपन, भगंदर, त्वचाविकार, पेट के रोग, सूजन, बवासीर, अम्लपित्त (एसीडिटी), सफेद दाग, ज्ञानेन्द्रियों में विकृति व अष्टौमहागद अर्थात् आठ प्रकार की असाध्य व्याधियाँ उत्पन्न होती हैं। विरुद्ध अन्न का सेवन मृत्यु का भी कारण हो सकता है।
  • देश, काल, उम्र, प्रकृति, संस्कार, मात्रा आदि का विचार तथा पथ्य-अपथ्य का विवेक करके नित्य पथ्यकर पदार्थों का ही सेवन करें। अज्ञानवश विरुद्ध आहार के सेवन से हानि हो गयी तो वमन-विरेचनादि पंचकर्म से शरीर की शुद्धि एवं अन्य शास्त्रोक्त उपचार करने चाहिये। ऑपरेशन व अँग्रेजी दवायें रोगों को जड़-मूल से नहीं निकालते। अपना संयम और निःस्वार्थ एवं जानकार वैद्य की देख-रेख में किया गया पंचकर्म विशेष लाभ देता है। इससे रोग तो मिटते ही हैं, 10-15 वर्ष आयुष्य भी बढ़ सकता है।
  • खीर के साथ नमकवाला भोजन, खिचड़ी के साथ आइसक्रीम, मिल्कशेक – ये सब विरुद्ध आहार हैं। इनसे पाश्चात्य जगत के बाल, युवा, वृद्ध सभी बहुत सारी बीमारियों के शिकार बन रहे हैं। अतः खट्टे-खारे के साथ भूलकर भी दूध की चीज न खायें-न खिलायें।"
ऋतु परिवर्तन विशेष
  • शीत व उष्ण ऋतुओं के बीच में आऩे वाली वसंत ऋतु में न अति शीत, न अति उष्ण पदार्थों का सेवन करना चाहिये। सर्दियों के मेवे, पाक, दही, खजूर, नारियल, गुड़ आदि छोड़कर अब ज्वार की धानी, भुने चने, पुराने जौ, मूँग, तिल का तेल, परवल, सूरन, सहजन, सूआ, बथुआ, मेथी, कोमल बेंगन, ताजी नरम मूली तथा अदरक का सेवन करना चाहिये।
  • सुबह अनुकूल हो ऐसे किसी प्रकार का व्यायाम जरूर करें। वसंत में प्रकुपित होने वाला कफ इससे पिघलता है। प्राणायाम विशेषतः सूर्यभेदी प्राणायाम (बायाँ नथुना बंद करके दाहिने से गहरा श्वाँस लेकर एक मिनट रोक दें फिर बायें से छोड़ें) व सूर्यनमस्कार कफ के शमन का उत्तम उपाय है। इन दिनों दिन में सोना स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त हानिकारक है।
  • कफजन्य रोगों में कफ सुखाने के लिए दवाइयों का उपयोग न करें। खानपान में उचित परिवर्तन, प्राणायाम, उपवास, तुलसी पत्र व गोमूत्र के सेवन एवं सूर्यस्नान से कफ का शमन होता है।
  • जोड़ों के दर्द का अनुभूत प्रयोग
  • एक चम्मच पिसा हुआ मेथीदाना, आधा चम्मच हल्दी चूर्ण और आधा चम्मच पीपरामूल चूर्ण एक गिलास पानी में रात को भिगो दें। सुबह आधा गिलास बचने तक उबालें। गुनगुना होने पर छान के खाली पेट केवल पानी पी लें। दर्द खत्म होने तक ले सकते हैं। 20-30 दिन में लाभ महसूस होगा। दर्द अधिक हो तो ज्यादा दिन भी प्रयोग कर सकते हैं।

खाना खाते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिये...

  • हमें दिन में सिर्फ सुबह और शाम, दो बार ही भोजन करना चाहिये। सुबह के समय और शाम के समय पाचन तंत्र बहुत अच्छी तरह भोजन पचाता है, क्योंकि सूर्योदय से 2 घंटे बाद तक और सूर्यास्त से ढाई घंटे पहले तक जठराग्नि (भूख) पूरे प्रभाव में रहती है। शेष समय में यदि भूख लगे तो फलाहार या हल्का भोजन किया जा सकता है। हर रोज मौसमी फलों का भी सेवन अवश्य करना चाहिये। 
  • कभी भी एकदम भरपेट भोजन नहीं करना चाहिये। भूख से थोड़ा सा कम भोजन सेहत को फायदा पहुँचाता है। जो लोग भूख से थोड़ा कम खाना खाते हैं, वे सेहतमंद, दीर्घायु, बलवान, सुखी और सुन्दर शरीर प्राप्त करते हैं। ऐसे लोगों की संतान भी गुणवान होती है। जबकि जो लोग भूख अधिक भोजन करते हैं, वे आलसी प्रवृत्ति के हो जाते हैं और उन्हें कई प्रकार की बीमारियाँ होने की संभावनायें काफी अधिक होती हैं। 
  • मान्यता है कि हम जब भी खाना खायें तब हमारा मुँह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिये। भोजन करने के लिए ये दिशायें शुभ मानी गई हैं। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन नहीं करना चाहिये, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार ऐसे भोजन नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। यदि हम हमेशा पश्चिम दिशा की ओर मुख करके ही भोजन करते हैं तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता कम हो सकती है। 
  • पलंग पर बैठकर या खड़े होकर भोजन नहीं करना चाहिये। इस बात का भी ध्यान रखें कि टूटे-फूटे बर्तनों में भी भोजन नहीं करना चाहिये। इससे नकारात्मक ऊर्जा आती है। आलस्य बढ़ता है। 
  • कभी भी रात के समय ज्यादा भोजन नहीं करना चाहिये। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि खाना खाने के तुरंत बाद सोना नहीं चाहिये। इससे पाचन तंत्र कमजोर होता है। 
  • कभी भी परोसे गए भोजन की निंदा नहीं करनी चाहिये। ऐसा करने पर भोजन का अपमान होता है और उससे हमें शारीरिक ऊर्जा प्राप्त नहीं हो पाती है। प्रसन्न मन से भोजन करना चाहिये। 
  • भोजन करने से पहले अन्न देवता और अन्नपूर्णा माता का ध्यान करना चाहिये। उन्हें नमन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिये। साथ ही, ऐसी प्रार्थना करें कि सभी भूखों को भी ईश्वर भोजन प्रदान करें। 
  • व्यक्ति को हमेशा शुद्ध मन और शुद्ध शरीर से भोजन बनाना चाहिये। यदि संभव हो तो भोजन बनाने से पहले देवी-देवताओं के मंत्रों का जप करना चाहिये। 
  • यदि कोई व्यक्ति सभी को बता-बताकर आपको खाना खिलाए तो ऐसा भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिये।
  • किसी कुत्ते के द्वारा खाना छू लिया गया हो तो ऐसा खाना न खायें । 
  • पुरानी परंपराओं के अनुसार कभी भी आधा खाया हुआ फल, मिठाईयाँ या शेष बचा हुआ भोजन बाद में पुन: नहीं खाना चाहिये। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि एक बार खाना छोड़कर उठ जाने पर पुन: भोजन नहीं करना चाहिये। 
  • भोजन के समय मौन रहना चाहिये। खाते समय बातचीत करने से पाचन ठीक से नहीं हो पाता है। 
  • भोजन को बहुत चबा-चबाकर खाना चाहिये। एक पुरानी कहावत है- खाने को पीना चाहिये और पानी को खाना चाहिये। इसका अर्थ यह है- खाने को इतना चबायें कि वह पानी की तरह बन जायें और भोजन के बीच में कम से कम पानी पीना चाहिये। 
  • यदि किसी परिस्थिति में खाना खाने से आपका अनादर हो रहा हो तो वह भोजन भी न खायें । 
  • यदि अवहेलना पूर्ण व्यवहार के साथ भोजन परोसा गया हो तो वह भी नहीं खाना चाहिये। 
  • खाना खाने से पहले हमें अपने पाँच प्रमुख अंगों (दोनों हाथ, दोनों पैर और मुख) को अच्छी तरह धो लेना चाहिये। इसके बाद भी भोजन करना चाहिये। 
  • 1आमतौर पर किसी भी गृहस्थ व्यक्ति को एक समय में 320 ग्राम से ज्यादा भोजन नहीं करना चाहिये। 
  • भोजन करते समय सबसे पहले रसदार भोजन करें। इसके बाद गरिष्ठ भोजन करें और अंत में तरल पदार्थ ग्रहण करना श्रेष्ठ रहता है। 
  • भोजन बनाते समय सबसे पहले 3 रोटियाँ अलग निकाल लें। इन रोटियों में से एक रोटी गाय को, एक रोटी कुत्ते को और एक रोटी कौए को दें। भोजन ग्रहण करने से पहले अग्नि देव और अन्य देवी-देवताओं को भी भोग लगाना चाहिये। 
  • यदि आप चाहते हैं कि आप जो भी खायें वह तुरंत पच जाए तो इन भावों के साथ कभी भी भोजन न करें। ये भाव हैं ईर्ष्या भाव, भय, क्रोध, लोभ, दीन भाव, द्वेष भाव आदि। इन भावों के साथ किया हुआ भोजन कभी पचता नहीं है।

भोजन करने के भी होते हैं कुछ

सबसे प्रमुख बात जो सदैव याद रखनी चाहिये कि भोजन तभी खाना चाहिये जब हमें भूख लगी हो। ऐसा तभी होता है जब पूर्व में किया गया भोजन ठीक से पच जाता है। भोजन पूरी तरह से पच चुका है, इसे निम्न लक्षणों से जानना चाहिये-
1. शरीर में हल्कापन हो।
2. गैस पास हो गई हो।
3. शुद्ध डकार आए।
4. मल व मूत्र सही तरह से निवृत्त हो।
  • खाना कभी भी आवश्यकता से अधिक मात्रा में नहीं खाना चाहिये। खाने की मात्रा का निर्धारण प्रत्येक व्यक्ति की अपनी पाचन शक्ति पर निर्भर करता है। वह मात्रा जो 6-8 घंटे में ठीक तरह से पच जाती हो तथा जिसको खाने के पश्चात सही समय पर सम्यक पाचन के सभी लक्षण दिखाई दे जाते हों तो यही मात्रा उस व्यक्ति के लिए उचित मात्रा मानी जा सकती है।
  • खाना हमेशा प्रसन्नाचित और मन लगाकर खाना चाहिये। तभी यह शरीर व मन को प्रसन्नाता देता है। बातचीत करते व हँसते हुए खाना नहीं खाना चाहिये। यदि आप भावनात्मक रूप से खिन्न है तो इस स्थिति में भी खाना नहीं खाना चाहिये जैसे - क्रोध, दुख आदि। इस स्थिति में खाना खाने से वह ठीक से पचता नहीं है। खाना सदैव बैठकर ही खाना चाहिये, खड़े होकर खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। खाना एकांत व स्वच्छ जगह ही खाना चाहिये।
  • खाना सदैव ताजा बना हुआ, हल्का व सुपाच्य ही खाना चाहिये। बासी खाना पाचक अग्नि को मंद करता है। फ्रिज में रखा खाना भी बार-बार गरम करके खाना स्वास्थ्य के लिए नुकसान देय है।
  • खाना हल्का गर्म ही खाना चाहिये, इससे पाचक अग्नि तीव्र होती है तथा खाने में रुचि बढ़ती है। खाने में अधिक तैल व मसालों का प्रयोग नहीं करना चाहिये। खाना न अत्यंत धीमें ना अधिक जल्दी-जल्दी खाना चाहिये। खाने में 6 रसों का प्रयोग रहना चाहिये मधुर, नमकीन, अम्ल, कटु, तिक्त, कषाय खाने का प्रारंभ मधुर रस से करना चाहिये। खाने में न अधिक रुक्ष (सुखे पदार्थो) नहीं अधिक चिकनाई वाले पदार्थ होने चाहिये।
  • सप्ताह में एक दिन उपवास अवश्य रखना चाहिये। जिससे पाचन तंत्र की शुद्धि होती है। उपवास के समय केवल फलाहार या दुग्धाहार ही लेना चाहिये। लेकिन यह ध्यान रहे कि ज्यादा उपवास रखने या भूखे रहने से भी स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है- जैसे कमजोरी, थकान, हाथ-पैर ढीले पड़ना, खट्टी डकारें, खाने में अरुचि, भूख न लगना एवं निम्न रक्तचाप आदि।
  • खाने के साथ बीच-बीच में पानी पीना लाभप्रद होता है। जबकि खाने के पहले पानी पीने से शरीर भार में कभी तथा बाद में एक साथ पीने से शरीर भार बढ़ता है। खाने में निम्न संयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते है। इन्हें विरोधी आहार कहते है। जैसे दूध के साथ खट्टी चीजें जैसे आम व दूध। गर्म खाने के साथ ठंडा पानी। गर्म करके दही खाना आदि। सामान्यत: रात्रि में दही नहीं खाना चाहिये।
  • खाने में सेंधा नमक का प्रयोग श्रेष्ठ माना गया है। लाल मिर्च के स्थान पर काली मिर्च का प्रयोग करना चाहिये। रात्रि का भोजन जल्दी कर लेना चाहिये। खाना खाने के ठीक बाद सोने से पाचन ठीक तरह से नहीं होता दिन में बार-बार न खाकर निश्चित अंतराल के बाद भोजन करना चाहिये।
इस प्रकार भोजन से संबंधित इन छोटे-छोटे नियमों को यदि ध्यान में रखें तो आप न केवल शारीरिक अपितु मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे, क्योंकि कहा है, 'जान है तो जहान है'।

थोड़ी सी सावधानी और आपकी सेहत

  • भोजन के साथ फलों का रस लेना हानिकारक होता है।
  • घी, शहद बराबर मात्रा में नहीं लेना चाहिए। बराबर मात्रा में यह जहर हो जाता है।
  • शहद का प्रयोग गर्म करके नहीं करें। गर्म शहद का प्रयोग करने से आपको अनेक रोग लग जायेंगे। किसी भी गर्म पदार्थ के साथ शहद का प्रयोग करें। मूली के साथ शहद का सेवन हानिकारक है। काँसे के बर्तन में घी दो दिन से ज्यादा रखें। दो दिन से अधिक रखे होने पर घी का प्रयोग करने से वह भी भारी होगा।
  • दूध के साथ नमकीन खाने से त्वचा पर छोटे-छोटे सफेद दाने निकल आते हैं। कटहल के खाने के बाद तुरंत दूध पीयें। इन्फेक्शन होने की संभावना नहीं रहेगी। दूध पीने के बाद दही नहीं खाना चाहिए। पीतल के बर्तन में दूध या दही रखने में खूद हरा पड़ जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। दूध के साथ मांस मछली का सेवन करना भी स्वास्थ्य उपयोगी नहीं। दूध पीने के बाद किसी भी खट्टे पदार्थ का सेवन करें।
  • दही खरबूजा गर्म खाने के साथ नहीं खाना चाहिए। लस्सी, केला खाने के बाद पियें। दूध के साथ कोई फल लें। दूध, मछली, शहद साथ प्रयोग करने कोढ़ होने की संभावना रहती है। चर्बी वाले पदार्थों के साथ शहद का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • एल्यूमीनियम के बर्तन में हरी पत्तेदार सब्जी नहीं बनानी चाहिए। अगर एल्यूमीनियम के बर्तन में हरी सब्जी बनायेंगे तो उसमें एल्यूमीनियम का अंश का जायेगा। दूध भी एल्यूमीनियम के बर्तन में उबालें। दूध में एल्यूमीनियम का अंश होने की संभावना रहती है।
  • नींबू लहसुन एक साथ प्रयोग करें। चावल का माढ़ या पानी निकालें। माढ़ में ही सारे विटामिन होते हैं। अँग्रेजी दवाई खाली पेट लें। तली चीज खाने के तुरंत बाद पानी पियें। भोजन में खाने वाला सोडा डालकर प्रयोग करने से भोजन में विटामिनसीकी मात्रा नष्ट हो जाती है।
  • खाने के तुरंत बाद व्यायाम करें। तरबूज खरबूजा इत्यादि खाने के बाद उसे फेंक दें। दुबारा उसका प्रयोग करें। चाय बनाकर तुरंत प्रयोग में लें। आधा घण्टे पहले रखी हुई चाय का प्रयोग सेहत के लिए हानिकारक है। कटी हुई प्याज का प्रयोग भी तुरंत कर लें। कटी हुई प्याज कुछ घण्टे रखे होने पर प्रयोग करें।

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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!