Nvabihan
सोमवार, 16 मार्च 2015
घर राखत छेना थोपना
घर राखत छेना थोपना :
दुहरा लाभ लेना। (दोहरा लाभ लेना)
तोर इहाँ बहुरिया के बुध ला दूसर नइ पाए सुकालू, ओ तो घर राखत छेना थोपथे।
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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