Nvabihan
शुक्रवार, 11 जुलाई 2014
अक्कल चरे बर जाना
अक्कल चरे बर जाना :
चेत नइ रहना। (ध्यान नहीं रहना)
इही अलहन झन होए कहिके घेरी-बेरी समझाएँव, तब तोर अक्कल कहाँ चरे बर गे रिहिस रे भोकवा, उही अलहन ला कर के आगेस।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
चुनाव चिन्ह
Add caption
Caligraphy Marathi-Hindi
डॉ.खूबचंद बघेल
भारत की आजादी के आंदोलन में सक्रिय योगदान देकर एवं तत्कालीन भारत में चल रहे राजनैतिक-सामाजिक परिवर्तन तथा आर्थिक मुक्ति आंदोलन में हिस्सा ले...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें