Nvabihan
गुरुवार, 3 जुलाई 2014
अरज
अरज
— सं. 1.विनती, प्रार्थना, निवेदन। 2.कपड़े की चौड़ाई।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
Karma Aarti
गोंडवाना समाज
Satyanarayan
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें