Nvabihan
रविवार, 27 जुलाई 2014
उहिच-उही होना
उहिच-उही होना :
कोनो जिनिस हा नंगत के होना। (वस्तु विशेष की प्रचूरता होना)
कतका चिरईजाम खाना हे ते च ल हमर गाँव के फुलवारी मा उहिच-उही हाबे।
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