Nvabihan
मंगलवार, 26 अगस्त 2014
खर खा के नइ उठना
खर खा के नइ उठना :
बिरोध नइ कर पाना। (विरोध न कर पाना)
दुरयोधन के अतियाचार हा अत्तेक बाढ़गे रिहिसे के भीसम पितामह अउ गुरू दरोनाचार्य हा घलो खर खा के नइ उठ पात रिहिन हें।
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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