Nvabihan
रविवार, 2 नवंबर 2014
घर के घर
घर के घरः
अपनेच परवार नइते चिन पहिचान मा। (अपने ही परिवार या जान पहचान में )
खेत ला तोर भतीजा लेहूँ काहत तब ओला दे दे सोनसाय, तुँहर पूँजी-पसरा हा घर के घर रही।
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