Nvabihan
सोमवार, 23 फ़रवरी 2015
सेहत के दोहे-38
धातुवर्धक, बल-कारक,
जो प्रिय पूछो मोय।
अलसी समान त्रिलोक में,
और न औषध कोय॥
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भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
Karma Aarti
Satyanarayan
गोंडवाना समाज
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