Nvabihan
सोमवार, 13 अप्रैल 2015
होते अगर आज वीर भगत सिंह
कभी नोटों के लिए मर गये,
कभी वोटों के लिए मर गये,
क भी जात-पात के नाम पर मर गये,
कभी आपस में 2 गज जमीन के लिए मर गये,
होते अगर आज वीर भगत सिंह
तो कहते- यार..! सुखदेव हम भी
किन कमीनों के लिए मर गये..!
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भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
Karma Aarti
Satyanarayan
गोंडवाना समाज
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