Nvabihan
मंगलवार, 15 जुलाई 2014
आँखी मटकाना
आँखी मटकाना :
नखरा करना। (यथावत)
झपझिप खा अउ पढ़े बर बइठ। तोर ददा आही ते आँखी मटकात हस तेन घुसड़ जही।
आँखी भर देखना
आँखी भर देखना :
नजर भर देखना। (यथावत)
गउहाँडोमी हा कोठा मा नींगे हे। में हा आँखी भर देखे हँव।
आँखी फोरना
आँखी फोरना :
मुरूख बनाना। (मूर्ख बनाना)
पाँच रूपिया के जिनिस ला पच्चीस बता के काकर आँखी फोरत हस?
आँखी फूटना
आँखी फूटना :
(i) नइ दिखना। (दिखाई न देना) पानी बरसत हे तब कपड़ा-लत्ता ला सकेलस नहीं, तोर आँखी फूट गेहे। (ii) ईरसा होना। (ईर्ष्या होना)
अपन पइसा मा जिनिस बिसाबे तभो देखइया मन के आँखी फूट जथे। कहूँ मोफत मा मिलतिस तब कोन जनी अउ का करतिन ते।
आँखी फरियाना
आँखी फरियाना :
गियान होना। (ज्ञान होना)
असनेच झमेला मा तो हीरामन हा घलो परे रिहिसे। ओकर का हाल होइस तेला
बताएँव तब बोधन के आँखी फरियइस हे।
तुम ही दिन चढ़े....
आँखी फरकना
आँखी फरकना :
संका होना। (आशंका होना)
घूमे ला जाए बर तो महूँ ला बड़ मनइस फेर आँखी फरकत रिहिसे, तेकर पाय के नइ गेंव।
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