Nvabihan
बुधवार, 29 अक्टूबर 2014
गोहार पारना
गोहार पारना :
जोरदार चिल्लाना। (ऊँची आवाज से पुकारना)
तोर कइसन सुतई ए रंगलाल, पारा भर चोर-चोर के गोहार परगे तभो ते नइ उचेस।
गोहार परना
गोहार परना :
खूब रोना-ललाना। (खूब विलाप करना)
बपरा के एके झन बेटा रिहिसे, वहू हा भरे जवानी मा च ल दिस तब गोहार परबेच करही।
गोल होना
गोल होना
: भाग जाना। (भग जाना)
अपन ददा ला आवत देखिस ताँहले डेरहाराम हा चुपचाप गोल होगे।
गोल-गोल बात करना
गोल-गोल बात करना :
घुमावदार बात करना। (यथावत)
लादूराम तो कभू सोज-सोज गोठियाबे नइ करे, गोल-गोल बात करे के ओकर सुभाव बन गेहे।
गोल करना
गोल करना :
चोरा लेना। (चुरा लेना)
ए टूरा हा बदमास हे, नाननान जिनिस ला गोल कर देथे ।
गोरसी के आगी होना
गोरसी के आगी होना
: तरिच-तरी ईरसा करना। (भीतर ही भीतर ईर्ष्या रखना)
अपन बुता ला छोंड़ के जउन हा दूसर बर गोरसी के आगी होही, तउन तो एक दिन खपबेच करही।
गोर्रिया के बइठना
गोर्रिया के बइठना :
जम के बइठना। (जमकर बैठना)
फकालू राम ला काम-बुता के चेत नइ राहय, जिहाँ जाथे गोर्रिया के बइठ जथे।
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