Nvabihan
गुरुवार, 5 जून 2014
अकवार
अकवार
— सं. 1.दोनों बाहों का फैलाव। 2.किसी वस्तु की वह मात्रा जिसे दोनों बाहों को फैलाकर पकड़ा जा सके।
वि. दोनों बाहों को फैलाने से पकड़ में आने योग्य।
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भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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