Nvabihan
सोमवार, 9 जून 2014
अजरहा
अजरहा
1— वि. 1.वह (पौधा) जिसकी जड़ न हो, निर्मूल। 2.जिसका कोई आधार न हो, निराधार।
अजरहा
2— वि.पु. (स्त्री.अजरहिन (ही) रोगी, बीमार।
अजरहा
3— वि. 1.जो जला न हो, अदग्ध।
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