सोमवार, 9 जून 2014

अजरहा

अजरहा1— वि. 1.वह (पौधा) जिसकी जड़ न हो, निर्मूल। 2.जिसका कोई आधार न हो, निराधार। 

अजरहा2— वि.पु. (स्त्री.अजरहिन (ही) रोगी, बीमार। 

अजरहा3— वि. 1.जो जला न हो, अदग्ध।

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भारतीय गणना

आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!