Nvabihan
गुरुवार, 5 जून 2014
अकवारल
अकवारल
— वि. दोनों बाहों को फैलाकर पकड़ा हुआ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
Karma Aarti
गोंडवाना समाज
Satyanarayan
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें