शुक्रवार, 11 जुलाई 2014

अकास मा गोड़ मढ़ाना

अकास मा गोड़ मढ़ाना : (i) अनसम्हाँर खुसी होना। (अत्यधिक उत्साहित होना)

भगवान के किरपा ले तुँहर घर खुसी छाए हे, तब अकास मा गोड़ झन मढ़ा, नइ ते अइसे गिरबे के उठे ला नइ सकबे।

(ii) अतियाचार करना। (अत्याचार करना)

तोला कोन पूछे, बड़े-बड़े राजा-महाराजा ला देखे हन, जउन हा अकास मा गोड़ मढ़इस तउन हा मुँड़भसरा गिरे घलो हे।

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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!