Nvabihan
रविवार, 27 जुलाई 2014
उबज के खड़ा होना
उबज के खड़ा होना :
बुता कमाए के लइक होना फेर अनभो नइ होना। (कार्य करने के योग्य होना किंतु अनुभवहीन होना)
हमला तो बच्छर दू कोरी हो गेहे कमावत। तैं तो काली उबज के खड़ा होए हस। हमर अतिक कइसे जान जबे इहाँ के नीत-नियाँव ला।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है
कारण और निदान कर्म संस्कृति का जनक है और संवाहक भी। व्यक्तिसः या सामूहिक रुप से किये गये धर्मनिष्ठ कर्म का कालान्तर में पुनरावृत्ति होते रहन...
Karma Aarti
गोंडवाना समाज
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें