Nvabihan
गुरुवार, 7 अगस्त 2014
काँटा मारे कस गोठियाना
काँटा मारे कस गोठियाना :
खिसियाए अस गोठियाना। (झिड़कते हुए बोलना)
काँटा मारे कस गोठियईहा कोन्हों ला नई सुहाय फेर ओकर सुभाव बन गेहे तब कइसे करबे?
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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