Nvabihan
शनिवार, 2 अगस्त 2014
कठवा जाना
कठवा जाना :
लकड़ी कस कड़ा हो जाना। (लकड़ी के समान कठोर हो जाना)
बिना सादा दूध डारे पेउँस बनाबे ते नंगत के कठवा जथे।
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आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
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