Nvabihan
बुधवार, 17 सितंबर 2014
चापलूसी करना काेई आसान काम नहीं...
1 टिप्पणी:
कवि शैलेश शुक्ला Poet Shailesh Shukla
23 अगस्त 2022 को 7:17 am बजे
यह शेर मेरा लिखा हुआ है।
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भारतीय गणना
आप भी चौक गये ना? क्योंकि हमने तो नील तक ही पढ़े थे..!
Karma Aarti
गोंडवाना समाज
Satyanarayan
यह शेर मेरा लिखा हुआ है।
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